By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 06, 2026
जापान के हिरोशिमा शहर में अमेरिका द्वारा किए गए परमाणु बम हमले की बृहस्पतिवार को 81वीं बरसी मनाई गई। इस अवसर पर शहर के महापौर काजुमी मात्सुई ने प्रमुख शक्तियों द्वारा युद्ध का सहारा लेने की आलोचना की और परमाणु हथियारों को प्रतिरोधक क्षमता के साधन के रूप में उचित ठहराने की प्रवृत्ति समाप्त करने का आह्वान किया। हिरोशिमा शांति स्मारक पार्क में आयोजित समारोह में अपने शांति संदेश में मात्सुई ने कहा कि परमाणु हथियारों की अमानवीयता को कम करके आंकना और अपनी समृद्धि के लिए बल प्रयोग को स्वीकार करना हिंसक प्रतिशोध के ऐसे चक्र को जन्म दे सकता है, जिसका अंत एक और हिरोशिमा या नागासाकी जैसी त्रासदी में हो सकता है।
समारोह में अमेरिका और ईरान सहित लगभग 120 देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों समेत करीब 50,000 लोगों ने भाग लिया। सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर, जब वर्ष 1945 में अमेरिकी बी-29 बमवर्षक विमान ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था, उसी समय घंटी बजाई गई और दो मिनट का मौन रखा गया। प्रधानमंत्री बनने के बाद सानाए ताकाइची ने पहली बार इस स्मृति समारोह में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने संबंधी संयुक्त राष्ट्र की संधि के ढांचे के भीतर वह ऐसे विश्व के निर्माण के लिए ‘‘व्यावहारिक दृष्टिकोण’’ अपनाएंगी, जहां परमाणु हथियारों का कभी इस्तेमाल न हो। यह समारोह ऐसे समय आयोजित हुआ है, जब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का समर्थन करने वाली ताकाइची सरकार इस वर्ष के अंत में नई सुरक्षा एवं रक्षा नीति तैयार करते समय जापान के युद्धोत्तर तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों में ढील दे सकती है। परमाणु बम हमले के जीवित बचे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जिसमें जापान भी शामिल है, के बीच प्रतिरोधक क्षमता के नाम पर परमाणु हथियार रखने के बढ़ते समर्थन पर चिंता और निराशा व्यक्त की है।