By Ankit Jaiswal | Aug 17, 2026
भारतीय हॉकी टीम के लिए सोमवार का दिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। विश्व कप के पूल डी के दूसरे मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह रही कि भारतीय टीम एक समय 2-1 से आगे थी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने लगातार तीन गोल दागकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इस हार के बाद भारत की अगले दौर में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है।
दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई। इंग्लैंड ने भारतीय रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया और 38वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने गोल करके मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद हेनरी क्रॉफ्ट ने 42वें मिनट में इंग्लैंड के लिए तीसरा गोल कर दिया। भारत अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि बंडुराक ने 54वें मिनट में अपना दूसरा गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त 4-2 कर दी। इसके बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने रक्षापंक्ति को मजबूत रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
बता दें कि भारत ने विश्व कप अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी। उस मुकाबले में भी कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए थे। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बावजूद भारत के खाते में तीन अंक हैं, लेकिन अब पूल डी में उसका आखिरी मुकाबला बेहद अहम हो गया है।
गौरतलब है कि इंग्लैंड इस जीत के साथ अगले दौर में पहुंच गया है। वहीं भारत को बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी पूल मुकाबला खेलना है। पाकिस्तान के खाते में फिलहाल दो मैचों से एक अंक है, जबकि भारत के पास तीन अंक हैं। भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ जीत अगले दौर में जगह पक्की कर देगी। मुकाबला बराबरी पर रहने की स्थिति में भी भारत के पास आगे बढ़ने का मौका रहेगा, लेकिन इसके लिए वेल्स को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज नहीं करनी होगी। अगर भारत पाकिस्तान से हार जाता है तो उसकी विश्व कप यात्रा पूल चरण में ही खत्म हो सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ भारत की यह हार लंबे समय से चले आ रहे दबदबे के आंकड़े को भी नहीं बदल सकी। विश्व कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ जीत का इंतजार अब 32 साल तक पहुंच गया है। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला सिर्फ दो पड़ोसी देशों की टक्कर नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट में बने रहने का सबसे बड़ा मौका होगा।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता दूसरे हाफ का प्रदर्शन रहा। पहले दो क्वार्टर में टीम ने मौके बनाए और बढ़त भी हासिल की, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में इंग्लैंड के दबाव का जवाब नहीं दे सकी। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने मौके का फायदा उठाया और दूसरे हाफ में अपनी आक्रामकता बढ़ाते हुए तीन गोल किए। अब भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ डिफेंस लाइन की गलतियों से बचने के साथ गोल करने के मौकों को भी बेहतर तरीके से भुनाना होगा। विश्व कप में आगे बढ़ने के लिए बुधवार का मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम होने जा रहा है।