By रितिका कमठान | Aug 24, 2024
जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पोले ने शनिवार को कहा कि गृह मंत्रालय केंद्र शासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव कराने के लिए सुरक्षा मुहैया करा रहा है। एएनआई से बात करते हुए पोल ने कहा कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए लिया है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। "कोई राजनीतिक हिंसा नहीं होगी। हम (किसी भी तरह की स्थिति के लिए) पूरी तरह तैयार हैं।" हाल ही में हुई आतंकवादी घटनाओं के मद्देनजर डोडा में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "जिन क्षेत्रों में हाल ही में राष्ट्र विरोधी तत्वों की गतिविधियां बढ़ी हैं, वहां हम अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं और ग्राम रक्षा समितियों को भी सक्रिय किया है। इसलिए कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि शांतिपूर्ण चुनाव होंगे।"
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होंगे। नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव पूर्व गठबंधन की घोषणा की और कहा कि "वे अधिकांश सीटों पर आम सहमति पर पहुंच गए हैं।" कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक दूसरे के साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ा था। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दो सीटें जीतीं - अनंतनाग और श्रीनगर। कांग्रेस कोई सीट नहीं जीत पाई। पहले चरण में 18 सितंबर को 24 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।
पहले चरण में जिन सीटों पर मतदान होगा, वे हैं पंपोर, त्राल, उलवामा, राजपोरा, जैनापोरा, शोपियां, डी एच पोरा, कुलगाम, देवसर, दूरू, कोकेरनाग (एसटी), अनंतनाग पश्चिम, अनंतनाग, श्रीगुफवारा-बिजबेहरा, शांगस -अनंतनाग पूर्व, पहलगाम, इंदरवाल, किश्तवाड़, पैडर-नागसेनी, भद्रवाह, डोडा, डोडा पश्चिम, रामबन और बनिहाल। जम्मू-कश्मीर में कुल 90 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। जम्मू-कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था। मतगणना 4 अक्टूबर को होगी।