राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत Joshua Wong को 10 साल की जेल, अदालत ने दी सजा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026

हांगकांग, पांच नवंबर (एपी) हांगकांग के प्रमुख कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को बृहस्पतिवार को चीन द्वारा लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दूसरी बार दोषी ठहराए जाने के मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। इस मामले को आलोचक शहर के उस लोकतंत्र समर्थक आंदोलन पर की गई कार्रवाई के एक और उदाहरण के तौर पर देखते हैं, जो कभी बेहद सक्रिय था। वोंग पर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत की साजिश रचने के आरोप में इस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।

विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत के आरोप में मुकदमा चलाए जाने से पहले वोंग के जनवरी 2027 में रिहा होने की उम्मीद थी। सजा पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विलियम टैम ने कहा कि वोंग का अपराध गंभीर प्रकृति का था और उन्होंने इस दलील को खारिज कर दिया कि इस मामले में उनकी भूमिका सीमित थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने शुरुआत में 13 साल की जेल की सजा देने का फैसला किया था लेकिन वोंग के दोष स्वीकार करने के कारण इसे कम कर दिया।

अदालत से बाहर निकलने से पहले वोंग शांत नजर आए और उन्होंने अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया। उनके समर्थकों ने उन्हें हाथ हिलाकर विदाई दी। न्यायाधीश ने कहा कि वोंग की दोनों जेल की सजाएं एक साथ चल सकती हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत पिछले मामले में सुनाई गई सजा पूरी होने में अब उन्हें केवल करीब दो महीने बाकी हैं। वोंग को दोषी ठहराए जाने को असहमति की आवाज दबाने के रूप में देखा जा रहा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि वोंग को सुनाई गई सजा से पता चलता है कि अधिकारी प्रमुख कार्यकर्ताओं को यथासंभव लंबे समय तक जेल में रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इससे नागरिक गतिविधियों पर और अधिक अंकुश लग सकता है।

प्रमुख खबरें

Supriya Sule और मैं देश की चिंता कर लेंगे, आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, पवार को मोदी के फोन से मची राजनीतिक हलचल

Delhi Building Collapse: दिवाली की खरीदारी के बीच दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन 3 मंजिला बिल्डिंग ढही, 2 की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

VISTAR योजना से डेटा तंत्र होगा मजबूत, Pramod Sawant ने किया स्वागत

Prabhasakshi NewsRoom: Agnipath Scheme में हुए बदलाव का Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand Assembly Elections पर क्या असर पड़ेगा?