By दिनेश शुक्ल | Apr 13, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के कोरोना संक्रमण के बिगड़े हालात के बीच प्रमुख शहरों में लॉककडाउन और नाइट कर्फ्यू के बाद भी कोरोना की रफ्तार बनी हुई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही संसाधन कम पड़ते जा रहे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में तो श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भी परिजनों को इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल से श्मशान घाट तक इंतजार
जबलपुर के चौहानी श्मशान घाट में सोमवार को 30 कोरोना संक्रमितों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन के रिकॉर्ड में 2 दिन में 8 मौतें हुई हैं। वहीं दो कोरोना संदिग्ध शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां एक चिता की लपटें बुझते ही दूसरी चिता सजानी पड़ रही है। भोपाल के भदभदा विश्राम घाट की भी यही स्थिति है। यहां सोमवार को 41 कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार किया गया। जगह न होने से जलती चिताओं के बीच बेहद नजदीक दूसरी चिताएं सजाई जा रही थीं। इंदौर में भी अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।