फिर फोड़ने लगे हूती, एयरपोर्ट से सैन्य ठिकानों तक सऊदी धुआं-धुआं

By अभिनय आकाश | Oct 30, 2026

देश के कई हिस्सों में हूतियों की कई मिसाइलों के कारण बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है। इससे पहले सऊदी अरब ने संयुक्त रूप से यमन के कई हिस्सों पर भीषण एयर स्ट्राइक की थी। जिसके बाद हूतियों की ओर से अगले कुछ दिनों तक मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ ही ग्राउंड पर अटैक की चेतावनी जारी हुई। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने अलमसीराह टीवी चैनल पर लाइव आकर पूरे मिडिल ईस्ट को हिला देने वाला एक बयान जारी किया।  दावा है कि उन्होंने सऊदी अरब के प्रमुख तेल संयंत्रों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और अति संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक साथ छह खतरनाक बैलेस्टिक मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले अंजाम दिए। याह्या सारी के मुताबिक इस भीषण सैन्य ऑपरेशन में सबसे पहला और बड़ा निशाना बनी दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरब को की सुविधाएं होतीय ने तीन घातक बैलस्टिक मिसाइलों के साथ सीधे सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित राज तानुरा रिफाइनरी और अबकाईक के विशाल तेल ठिकानों पर निशाना लगाया। इतना ही नहीं लाल सागर के किनारे स्थित राबिक रिफाइनरी पर भी अटैक किए गए। जिसके बाद से ही वैश्विक तेल बाजारों में हाहाकार मच चुका है। लेकिन तबाही का खेल यहीं खत्म नहीं होता।

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साल 2014 में सना पर हूतियों के कब्जे और साल 2015 में सऊदी गठबंधन की सैन्य एंट्री के बाद से यहां एक तरीके का गृह युद्ध ही चल रहा है जो अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर दिखाई दे रहा। एक तरफ रियाद और दम के आसमान में गरजस्ते होती ड्रोन है तो दूसरी तरफ सऊदी अरब का काउंटर अटैक। सवाल यह खड़ा हो चुका है कि क्या सऊदी अरब के लिए अब कोई सीधे तौर पर देश इस जंग में उतरेगा या फिर नहीं? देखिए हमारी अगली रिपोर्ट। खाड़ी क्षेत्र में जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी की नौसेना ने एक बड़ी तकनीकी और खुफिया सफलता का दावा किया है।
 

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