By अभिनय आकाश | Oct 17, 2026
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच छिड़ी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। हूती विद्रोही चुन-चुनकर सऊदी के बड़े-बड़े एयरपोर्ट, सैन्य अड्डे और तेल ठिकानों को मिसाइलों के जरिए तबाह कर रहे हैं। सऊदी अरब में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि वहां के क्राउन प्रिंस तक की जान खतरे में आ गई है। वह किसी भी तरह से खुद को बचाने के लिए बंकरों में छिपते घूम रहे हैं। अब तक तो हूती विद्रोही सऊदी को ही निशाना बना रहे थे। लेकिन अब उन्होंने यमन को भी दहलाना शुरू कर दिया है। हूतियों के टारगेट पर यमन की वह सरकार आ गई है जिसको लेकर यह विद्रोही आरोप लगाते हैं कि उन पर हमला कराने के लिए सऊदी अरब यमन की सेना की मदद करता है। हवाई और सैन्य सहायता मुहैया कराता है। यानी कि हूती विद्रोहियों ने अब दो मोर्चों पर जंग छेड़ दी है। जिसके बाद भारत भी एक्शन में आ गया है और एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। सऊदी पर हूतियों हमला इतना जोरदार था कि राष्ट्रपति ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री भी बाल-बाल बचे हैं। दरअसल यमन के अदन शहर में हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर पांच बैलेस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हमले के समय प्रधानमंत्री शाया मोहसेन अल जिंदानी और सरकार के कई मंत्री परिसर में मौजूद थे। किसी भी तरह इन सब की जान बाल-बाल बची है। हमले में चार लोगों की मौत हो गई है। जिसमें दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
सबसे पहले यह जान लीजिए कि हूतियों के बढ़ते हमलों के बीच भारत ने क्या कुछ फैसला लिया है। दरअसल भारत ने सऊदी अरब में हो रहे अपने नागरिकों को हवाई हमले की स्थिति में घरों के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। भारत के दूतावास ने कहा है कि जिन भारतीय नागरिकों को तुरंत वहां से निकलना है वो बहरीन, कुवैत या क़तर के रास्ते जाने पर विचार कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें जरूरी वीजा मिल जाए। इसके अलावा एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मौजूदा हालात देखते हुए ज़ेददा रियाद दम के लिए 24 अक्टूबर तक अपनी सभी उड़ाने अस्थाई रूप से रद्द कर दी है। एयरलाइन ने प्रभावी यात्रियों के लिए टिकट की तारीख में बदला और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया है। वहीं भारत ने यूतियों के हमलों की निंदा की है और हमले बंद करने की अपील की है। तो यह हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।