By अभिनय आकाश | Sep 11, 2026
ईरान-अमेरिका युद्ध में होर्मुज जलमार्ग पर संकट के बाद अब लाल सागर के रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक मोखा बंदरगाह पर कब्जे का दावा किया है। वे अब बाब अल-मंडेब जलमार्ग के करीब पहुंच गए हैं। यह रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यूरोप एशिया के समुद्री व्यापार के साथ खाड़ी से आने वाले तेल के लिए अहम है। होर्मुज बंद होने के बाद इसकी अहमियत बढ़ गई है। दुनिया का 10% समुद्री कारोबार इसी रूट से होता है।
इधर, पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान की सक्रियता भी अचानक बढ़ गई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने शुक्रवार को ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधा और सऊदी अरब पर हुए हालिया हूती हमलों को लेकर सीधी बातचीत की। यह कूटनीतिक हलचल पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के उस कड़े बयान के ठीक बाद देखने को मिली है, जिसमें उन्होंने रियाद और यमन के विद्रोही गुटों के बीच बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए नए 'मक्का रक्षा समझौते' (Mecca Defense Pact) को अमलीजामा पहनाने की चेतावनी दी थी।