क्यों दुनियाभर में हर कोई केवल Deepseek की ही बात कर रहा, China के इस AI से दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

By अभिनय आकाश | Jan 29, 2025

पूरी दुनिया में एक नाम इस वक्त सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है, वो नाम है डीपसीक। ये एक चाइनीज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है। एक स्टार्टअप है, जो एक साल पहले शुरू हुई थी। इस कंपनी ने चैट जीपीटी के जैसा एक एआई चैटबोट बनाया और इसकी वजह से अमेरिका की कंपनियों को 86 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। चीन की इस कंपनी का एआई चैटबोट इतना पॉपुलर हो गया कि इसने चैटजीपीटी को भी पीछे छोड़ दिया। एप स्टोर पर सात दिनों के अंदर ही सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला एप बन गया। हालत ये हो गई है कि यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी परेशान हो गए हैं। उन्हें ये कहना पड़ा कि डीपसीक अमेरिका की सारी कंपनियों के लिए एक वेक-अप कॉल है। ऐसे में आइए जानते हैं कि डीपसीक में ऐसा क्या है जिसकी वजह से अमेरिकी कंपनियों को इतनाा बड़ा नुकसान हुआ है। क्यों दुनियाभर में हर कोई केवल डीपसीक की ही बात कर रहा है। चैटजीपीटी से ये कैसे अलग है और आगे जाकर पूरी दुनिया पर इसका क्या असर पड़ेगा। 

डीपसीक चीन के दक्षिण पूर्वी शहर हांगचो में स्थित है। मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफार्म सेंसर टावर के मुताबिक, डीपसीक की स्थापना जुलाई 2023 में हुई है। इसके संस्थापक लिआंग वेनफेंग हैं जिन्होंने हेज फंड के जरिये पैसा जुटाकर डीपसीक की शुरुआत की है। वैनफेंग एक इन्फार्मेशन एंड इलेक्ट्रानिक इंजीनियर हैं। वेनफेंग हेज फंड मैनेजर भी रहे हैं।

डीपसीक में क्या है खास

इसकी गुणवत्ता काफी बेहतर और लागत काफी कम है

यह माडल गणित, कोडिंग और जनरल नालेज से जुड़े कामों का बेहद कारगर है

यह 90-95 प्रतिशत ज्यादा किफायती है और महंगे हार्डवेयर की जरूरत कम होती है

विभिन्न समस्याओं और कार्यों को पूरा करने में इसका स्कोर 92 प्रतिशत रहा है, जबकि चैटजीपीटी-4 का स्कोर 78 प्रतिशत है

इसको एनवीडिया की एच800 चिप का इस्तेमाल करके बनाया गया है जो मध्यम रेंज की चिप है

डीपसीक का एआइ एप उसकी वेबसाइट और एपल स्टोर पर उपलब्ध है

यह सेवा मुफ्त है और एपल के स्टोर पर सबसे तेजी से डाउनलोड होने वाला एप बन गया है।

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क्या है इसकी इनोवेटिव तकनीक ? 

इसके मॉडल्स खुद से सीखते है, गलतियां करते हैं और फिर उन गलतियों से सुधार करते हैं। उन्हें रिवॉर्ड मिलते हैं, जिससे वे समझ पाते हैं कि क्या सही है। मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स आर्किटेक्चर तकनीक का इस्तेमाल होता है। मान लीजिए, आपके पास एक टीम है, जहां हर सदस्य किसी खास काम में एक्सपर्ट है। जब कोई काम आता है, तो सिर्फ वही एक्सपर्ट काम करता है जो उस काम में सबसे अच्छा है। यही इसकी तकनीक है।  डीपसीक-वी3 मॉडल में मल्टी हेड लैटेंट अटेंशन नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह मॉडल डेटा को गहराई से समझ पाता है।  

 ओपनएआइ के लिए खतरा क्यों?

ओपनएआइ ने महंगे हार्डवेयर का इस्तेमाल करने अपना एआइ माडल चैटजीपीटी बनाया है, जबकि डीपसीक महंगे हार्डवेयर पर निर्भर नहीं है। डीपसीक के आर1 को चैटजीपीटी से बेहतर बताया जा रहा है। ओपनएआइ में चार हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं, जबकि डीपसीक ने 200 कर्मचारियों की टीम से तकनीक की दुनियों में हलचल मचाने वाले उत्पाद तैयार किया है। डीपसीक का आर1 आने के बाद ओपनएआइ ने 01 माडल लांच किया है। डीपसीक के चैटबाट सभी के लिए उपलब्ध है, जबकि ओपनएआइ का 01 माडल अभी सभी के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

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