संसद की 'सुरक्षा कवच' को कैसे भेद गए आरोपी? गुरुग्राम में लिखी गई थी पूरी पटकथा, जानें क्या था मकसद

By अंकित सिंह | Dec 14, 2023

सुरक्षा चूक की एक चौंकाने वाली घटना में, दो युवक बुधवार को लोकसभा कक्ष में घुस गए और कनस्तर फेंक दिया जिससे पीला धुआं निकला, जिससे कार्यवाही बाधित हुई और सांसदों में दहशत फैल गई। सागर और अमोल के रूप में पहचाने गए दोनों को सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया। चार अन्य, जो उसी समूह का हिस्सा थे, को भी शहर के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी मजबूत सुरक्षा घेरे के बावजूद इन्हें कामयाबी कैसे मिली?

- वे करीब डेढ़ साल पहले मैसूर में मिले थे और दोस्त बन गए। कुछ महीने पहले वे फिर मिले और सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में संसद में हंगामा करने की योजना बनाई। जुलाई में सागर लखनऊ से आया था लेकिन संसद भवन में प्रवेश नहीं कर सका। उसने बाहर से रेकी की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा किया।

- 10 दिसंबर को ये सभी एक-एक कर अपने-अपने राज्यों से दिल्ली पहुंचे और गुरुग्राम में विक्की के घर पर रुके। देर रात साजिश का मास्टरमाइंड ललित झा भी गुरुग्राम पहुंचा और योजना के बारे में जानकारी दी। यहीं पर ही संसद की सुरक्षा को भेद कर हड़कंप मचाने की पटकथा लिखी गई थी।

- अमोल महाराष्ट्र से एक रंगीन बम लाया था, जिसके बारे में उसका दावा था कि यह हानिरहित था और इसका उद्देश्य केवल धुआं पैदा करना था। वे सभी इंडिया गेट पर मिले जहां उन्होंने सभी को रंगीन बम बांटे।

- उनके पास भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा द्वारा जारी किए गए आगंतुक पास भी थे, जिन्होंने बाद में उनके इरादों में किसी भी संलिप्तता या जानकारी से इनकार किया था।

- बुधवार को, सागर और अमोल संसद भवन में प्रवेश करने में कामयाब रहे और लोकसभा गैलरी तक पहुंच गए। उन्होंने सही समय का इंतजार किया और गैलरी से सदन के फर्श पर कूद पड़े।

- उन्होंने कनस्तर फेंके और 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'भगत सिंह अमर रहे' के नारे लगाए। अचानक हुए हमले से सांसद और सुरक्षाकर्मी हैरान रह गए और उन्हें पकड़ने की कोशिश की। स्पीकर ने सदन स्थगित कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिये। 

- इस दौरान ललित संसद के बाहर घटना का वीडियो बना रहे था। हंगामा होते ही वह सभी के मोबाइल फोन लेकर भाग गया, जिसका इस्तेमाल उन्होंने सिग्नल ऐप के जरिए एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए किया था।

- उन्होंने सोशल मीडिया पेज और ग्रुप की चैट हिस्ट्री भी डिलीट कर दी। हालांकि, पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे विक्की, राजेश और रवि के साथ अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि छह आरोपी किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़े नहीं थे और उन्होंने अपनी मर्जी से कार्रवाई की थी।

- उन्होंने कहा कि वे भगत सिंह से प्रेरित हैं और आम लोगों के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने या किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का नहीं था।

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पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वे दो अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रहे हैं जो अभी भी फरार हैं। पुलिस ने उस सांसद से भी पूछताछ की है जिसने आगंतुक पास जारी किया था और उस सुरक्षा कर्मचारी से भी पूछताछ की है जिसने आरोपी को प्रवेश की अनुमति दी थी।

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