By अभिनय आकाश | Jun 18, 2026
अयोध्या में राम मंदिर के दान की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, टीम ने दान राशि की गिनती, रेकॉर्ड रखने और मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों से भी सवाल किए। एसआईटी प्रमुख और लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस तथा वित्त विभाग के वेशेष सचिव नील रतन ने अलग-अलग पूछताछ की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, दान पेटियों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। दान में मिली आभूषणों और कीमती धातुओं के भंडारकक्ष का भी निरीक्षण गया। मामले में अब तक तीन शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।
राम मंदिर में चढ़ावा में करोड़ों की राशि गायब करने के सूत्रधार बने खुद को लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह के बारे में भी मंदिर ट्रस्ट सुबूत पेश करेगा। SIT की जांच के दौरान मंदिर चढ़ावा के काउंटिंग हाल में सभी तरह के दस्तावेज की जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि काउंटिंग हाल के रेकार्ड में 2021 से लेकर अब तक महिपाल सिंह के लेखा प्रभारी या कैश इंचार्ज की नियुक्ति का कोई पत्र और रेकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है। यह पता चला कि जिस तरह चढ़ावा राशि के वाउचर और बैंक में जमा करने वाले डाक्युमेंट में लेखा प्रभारी के हस्ताक्षर होते हैं, उनके हस्ताक्षर से कोई डाक्यूमेंट काउंटिंग सेल व बैंक में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है अपने को लेखा प्रभारी बता कर कैसे उन्होंने चढ़ावा में चोरी के आरोप को तूल दिया।