By मिताली जैन | Aug 13, 2026
खाने का असली स्वाद उसके मसालों में छिपा होता है। लेकिन जब किचन में रखे मसाले कई बार महीनों तक डिब्बे में पड़े रहते हैं, तो उनकी महक कहीं गायब हो जाती है। हल्दी, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर या गरम मसाला देखने में बिल्कुल ठीक लगता है, लेकिन सब्जी में डालने पर वह पहले जैसी खुशबू नहीं देता। ऐसे में अक्सर हम मान लेते हैं कि मसाला “खराब” हो गया है और नया पैकेट खरीद लेते हैं।
पुराने सूखे मसालों की खुशबू वापस लाने का सबसे आसान तरीका है हल्का ड्राई रोस्ट। इसके लिए एक छोटी और सूखी कड़ाही गर्म करें। आंच बिल्कुल धीमी रखें और उसमें 1-2 चम्मच मसाला डालें। इसे लगातार 20-30 सेकंड चलाते रहें। जैसे ही मसाले की खुशबू उठने लगे, गैस बंद कर दें। हमेशा याद रखें कि मसाला भूरा या काला नहीं होना चाहिए। इसके बाद मसाले को प्लेट में निकालकर पूरी तरह ठंडा करें और फिर एयरटाइट डिब्बे में रखें।
जीरा पाउडर
धनिया पाउडर
सौंफ पाउडर
काली मिर्च पाउडर
गरम मसाला
आप हल्दी और लाल मिर्च पाउडर को ज्यादा भूनने से बचें, क्योंकि इनके रंग और स्वाद पर तेज गर्मी का असर पड़ सकता है।
अगर आपके पास पुराने जीरे, धनिया, काली मिर्च, इलायची या लौंग साबुत रूप में हैं, तो उनका इस्तेमाल करने का तरीका थोड़ा अलग रखें। इसके लिए आप साबुत मसालों को धीमी आंच पर हल्का गर्म करें और ठंडा होने के बाद जरूरत के अनुसार पीसें। यह तरीका इसलिए भी अच्छा माना जाता है, साबुत मसाले आमतौर पर पिसे मसालों की तुलना में अपनी सुगंध ज्यादा समय तक बनाए रखते हैं। आप एक बार में पूरे डिब्बे का मसाला पीसने के बजाय 5-7 दिन के इस्तेमाल जितनी मात्रा पीस सकते हैं। इससे हर बार ताजा पिसे मसाले जैसी खुशबू मिलेगी और मसाला महीनों तक रखने की वजह से खराब भी नहीं होगा।
यह भी एक तरीका है, जिससे मसालों की महक को वापस पाया जा सकता है। आपको शायद पता ना हो, लेकिन कई बार पुराने मसाले को अलग से भूनने की जरूरत नहीं होती। सही समय पर तड़के में डालना ही काफी होता है। मसलन, जीरा पाउडर या धनिया पाउडर को तेल में बहुत देर तक भूनने की बजाय सब्जी या ग्रेवी में सही चरण पर डालें। गर्म तेल और नमी के संपर्क में आते ही मसाले की खुशबू खाने में अच्छी तरह फैलती है। याद रखें कि कभी भी मसाले को सीधे बहुत गर्म तेल में लंबे समय तक न छोड़ें। तेज आंच पर मसाला जल्दी जल सकता है और खुशबू बढ़ने के बजाय कड़वाहट आ सकती है।
- मिताली जैन