By अभिनय आकाश | Sep 28, 2026
ईरान और अमेरिका में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। शांति योजना पर बात नहीं बनने के बीच ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामनिया ने कहा कि देश किसी भी टकराव के लिए पूरी तरह से तैयार है और जरूरत पड़ी तो अमेरिका को पहले से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया जाएगा। ईरानी सेना का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होमस को दोबारा खोलने वाले 7 दिन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एक प्रस्ताव दिया था लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया है। ट्रंप की इन बातों के बावजूद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराची ने कहा कि तेहरान क़तर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के पक्के जवाब का इंतजार कर रहा है।
कुल मिलाकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब देखना यह होगा कि दोनों पक्ष आगे क्या कदम उठाएंगे। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से सऊदी अरब ने खाली क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गंभीर कदम उठाने की अपील की है। 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि दुनिया इस समय अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने सऊदी अरब और क्षेत्र के खिलाफ ईरानी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि खाली की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा और व्यापार व्यवस्था से जुड़ा मामला है। सऊदी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया जब मिडिल ईस्ट में तनाव का असर खाली से लेकर लाल सागर और बाब अलमदेव तक दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने 20 सितंबर में यमन के पश्चिमी तट पर लड़ाई तेज होने और हूतियों के बाल अलमदेव की ओर बढ़ने की रिपोर्ट दी थी।