By रेनू तिवारी | Jul 04, 2022
हिंदू-देवी देवताओं का मजाक उड़ाकर फिल्म का प्रचार करना मानो सिनेमा का चलन ही हो गया है। फिल्म पीके में भगवान शिव का मजाक बनाया गया, अनुष्का शर्मा की फिल्म पाताललोक में एक कुतिया का नाम सावित्री रखा गया, सैफ अली खान की वेब सीरीज तांडव में तो हिंदू धर्म का जमकर उपहास किया गया। लोगों ने इसका विरोध किया, सोशल मीडिया पर फिल्में ट्रेंड होने लगी और फ्लॉप कहानी होने के बाद भी फिल्में और वेब सीरीजें हिट होती चली गयी। वहीं दूसरी तरफ नुपूर शर्मा के एक कमेंट को लेकर देश में निर्मम हत्याएं हो रही है, उदयपुर में धर्म के नाम पर जित तरह से दहशतगर्दों ने दर्जी की सरेआम हत्या की, वह किसी की भी रूह कंपा सकते उपद्रवियों ने देश को आग के हवाले कर दिया है ऐसे महौल में लोगों की भावनाओं को और आहत करने के लिए फिल्म प्रोड्यूसर लीना मणिमेकलाई ने आग में पेट्रोल डालने का काम करने हुए अपनी नयी डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'काली' का पोस्टर रिलीज किया है। फिल्म टाइटल के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
फिल्म की निर्माता लीना मणिमेकलई ने लोगों से फिल्म की निंदा करने से पहले इसे देखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म उन घटनाओं के बारे में बात करती है जब काली शाम को दिखाई देती है और टोरंटो की सड़कों पर टहलती है। एक बार जब आप फिल्म देख लेंगे, तो आप #ArrestLeenaManimekalai से हैशटैग को 'लव यू लीना मणिमेकलई' में बदल देंगे।
काली फिल्म को लेकर हंगामा ऐसे समय में आया है जब निलंबित भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर की गई टिप्पणी को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद हो गया है। इस पंक्ति ने एक भानुमती का पिटारा खोल दिया और इस बात पर बहस छेड़ दी कि ईशनिंदा क्या है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्या है।