By रेनू तिवारी | Sep 20, 2024
भारतीय सेना के कैप्टन और उनकी मंगेतर के साथ हुई ओडिशा के पुलिस स्टेशन में बर्बरता का मामला अब अपने गंभीर रुप में पहुंच गया है। पुलिस स्टेशन में सैन्य अधिकारी की महिला मित्र (मंगेतर) के साथ मारपीट की गयी। महिला और पुलिस की कहानी में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिला। रविवार रात को भरतपुर थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा गिरफ्तार की गई महिला को उच्च न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया। जमानत के बात महिला ने बाहर आकर पुलिस की पोलपट्टी खोल दी है और बताया कि 16 सितंबर को आखिर क्या क्या हुआ था।
वर्तमान में भुवनेश्वर स्थित एम्स में इलाज करा रही महिला ने कहा कि कुछ देर बाद और पुलिसकर्मी थाने पहुंचे और उनके दोस्त से शिकायत लिखने को कहा। महिला ने आरोप लगाया, ‘‘मुझे नहीं पता कि क्या हुआ, उन्होंने उसे (सैन्य अधिकारी) को हवालात में डाल दिया। जब मैंने अपनी आवाज तेज करते हुए कहा कि वे (पुलिस) सेना के अधिकारी को हिरासत में नहीं रख सकते तो दो महिला अधिकारियों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।’’ महिला ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की और जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी गर्दन पकड़ने की कोशिश की तो उसने एक महिला पुलिसकर्मी के हाथ पर काट लिया। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ और पैर बांधकर उसे एक कमरे में बैठा दिया।
महिला के मुताबिक, ‘‘कुछ समय बाद एक पुरुष अधिकारी ने दरवाजा खोला और मेरी छाती पर कई बार लात मारी।’’ उसने आरोप लगाया, "कुछ देर बाद एक पुरुष अधिकारी ने दरवाज़ा खोला और मेरे स्तनों पर कई बार लात मारी। उसने मेरी और अपनी पैंट भी नीचे कर दी। उसने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाते हुए मुझसे पूछा कि तुम कब तक चुप रहना चाहती हो।" घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। एनसीडब्ल्यू ने एक्स पर पोस्ट किया, "डीजीपी को एक औपचारिक पत्र भेजा गया है, जिसमें 3 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की उम्मीद है।" इस बीच, चंदका पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर सेना अधिकारी और महिला के साथ दुर्व्यवहार किया था।