By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 16, 2021
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पर उनके ‘राजनीतिक आकाओं को खुश करने’ के लिए कोरोना महामारी से जुड़े तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया और मांग की कि इस मामले में आपराधिक जांच होनी चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने यह भी कहा कि इस जांच के दायरे में आईसीएमआर के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को भी लाया जाना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया, ‘‘आईसीएमआर अपने काम में विफल रहा। यदि उचित समय पर सही कदम उठाया गया होता तो लाखों लोगों की जान नहीं जाती। प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरुआत में कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग जीत ली गई। उस समय के स्वास्थ्य मंत्री (हर्षवर्धन) ने भी कहा कि कोरोना को हरा दिया गया। इस कारण लोगों ने लापरवाही बरती।’’ माकन ने कहा, ‘‘इन वैज्ञानिकों ने जो कहा है कि उससे लगता है कि इसमें आईसीएमआर की आपराधिक संलिप्तता है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उस समय के स्वास्थ्य मंत्री की भी संलिप्तता है। आईसीएमआर के प्रमुख लोगों, प्रधानमंत्री और उस वक्त के स्वास्थ्य मंत्री के विरूद्ध आपराधिक जांच होनी चाहिए।