अगर तेलंगाना में कांग्रेस सत्ता में आई, तो ‘बिचौलिया युग’ शुरू हो जाएगा : के. चंद्रशेखर राव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 20, 2023

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने रविवार को विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अगर पार्टी राज्य में सत्ता में आई, तो सरकारी कार्यालयों में ‘‘बिचौलिया युग’’ शुरू हो जाएगा। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव साल के अंत में प्रस्तावित हैं। राव ने यहां से लगभग 140 किलोमीटर दूर सूर्यापेट में एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने कहा है कि सत्ता में आने पर पार्टी ‘धरणी पोर्टल’ (एकीकृत भू अभिलेख प्रणाली) को समाप्त कर देगी। उन्होंने चेताया, ‘‘यह कदम व्यवस्था में बिचौलियों को वापस लाएगा... अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो राजस्व कार्यालय और पंजीकरण कार्यालयों में बिचौलिये होंगे।’’

 अब वे कहते हैं, ‘हमें एक मौका दें, हम इसे 4000 रुपये कर देंगे।’’ मुख्यमंत्री ने पूछा, ‘‘क्या कांग्रेस इसे छत्तीसगढ़ में दे रही है, जहां उनका शासन है? क्या वे इसे कर्नाटक में दे रहे हैं? क्या वे इसे राजस्थान में दे रहे हैं? क्या प्रत्येक राज्य के लिए अलग नीति है।’’ राव ने कहा कि कोविड महामारी और 2016 में ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी’’ के कारण तेलंगाना को हुए राजस्व के नुकसान के बावजूद, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने सफलतापूर्वक 37,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण माफ कर दिया है।

कांग्रेस के कथित खराब शासन के लिए उसपर निशाना साधते हुए राव ने आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्य कर्नाटक में जब से उसने(कांग्रेस ने) सत्ता की बागडोर संभाली है, बेंगलुरु शहर को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के नेता तेलंगाना के लोगों से उन्हें एक मौका देने के लिए कह रहे हैं। राव ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन, पिछले 50 वर्षों में कई मौके दिये जाने के बावजूद दोनों दलों ने कुछ नहीं किया।

प्रमुख खबरें

भाजपा हमारी सरकार गिराने और नेकां विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है: उमर अब्दुल्ला

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के विकास की रफ्तार अभूतपूर्व, दुनिया को दे रहा नया मॉडल: पीएम मोदी

विपक्ष पर बरसे सीएम योगी, पूछा- सवाल उठाने वाले बताएं उन्होंने अपने शासन में क्या किया

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर बोले उमर अब्दुल्ला, मेरे सब्र को कमजोरी न समझे केंद्र