By डॉ. अनिमेष शर्मा | Mar 21, 2026
भारत में ट्रेन यात्रा लाखों लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने समय-समय पर कई डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। इसी दिशा में RailOne नाम का एक नया ऐप भी शुरू किया गया, जिसे Indian Railways ने यात्रियों की सुविधा के लिए विकसित किया है। इस ऐप के जरिए यात्री आरक्षित (Reserved) और अनारक्षित (Unreserved) दोनों तरह के टिकट आसानी से बुक कर सकते हैं।
हालांकि इस ऐप में कई उपयोगी फीचर्स मौजूद हैं, लेकिन इसका उपयोग करते समय कुछ ऐसी कमियां भी सामने आई हैं जो यूजर्स के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं। खासतौर पर पासवर्ड एक्सपायर होने और उसे रीसेट करने की प्रक्रिया कई लोगों के लिए मुश्किल साबित हो सकती है।
रेल यात्रियों के लिए अब टिकट बुक करने के कई डिजिटल विकल्प मौजूद हैं। लंबे समय से लोग IRCTC Rail Connect ऐप का इस्तेमाल करते रहे हैं। इसी तरह Railone ऐप को भी एक ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है।
इस ऐप के जरिए यात्री रिजर्वेशन टिकट, जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और अन्य रेलवे सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। ऐप का उद्देश्य यात्रियों को एक ही जगह पर कई सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि टिकट बुकिंग का अनुभव तेज और आसान हो सके।
लेकिन जब इस ऐप में पासवर्ड एक्सपायर होने की समस्या सामने आती है, तो यूजर्स को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
Railone ऐप का सबसे बड़ा नकारात्मक अनुभव यह रहा कि पासवर्ड एक्सपायर होने से पहले किसी तरह का नोटिफिकेशन या अलर्ट नहीं मिलता।
आजकल लगभग सभी बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को पहले से ईमेल या मैसेज के जरिए सूचना देते हैं कि उनका पासवर्ड जल्द ही एक्सपायर होने वाला है। इससे यूजर समय रहते अपना पासवर्ड बदल लेते हैं और जरूरी काम के दौरान परेशानी नहीं होती।
लेकिन Railone ऐप में ऐसा फीचर फिलहाल नहीं दिखता। अगर कोई यूजर लंबे समय बाद ऐप खोलता है और उसी समय टिकट बुक करने की जरूरत होती है, तो पासवर्ड एक्सपायर होने की वजह से पूरी प्रक्रिया रुक सकती है। ऐसे में कई बार टिकट छूटने का खतरा भी बन जाता है।
Railone ऐप में लॉग-इन करने के लिए एक खास सुविधा दी गई है, जिसे mPIN कहा जाता है। यह 6 अंकों का पिन होता है और ऐप में तेज लॉग-इन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ज्यादातर यूजर रोजाना पासवर्ड डालने के बजाय mPIN का ही इस्तेमाल करते हैं। कई महीनों तक इसी तरीके से लॉग-इन करने के कारण असली पासवर्ड याद ही नहीं रहता।
ऐसे में जब अचानक ऐप यह संदेश देता है कि आपका पासवर्ड एक्सपायर हो गया है, तो यूजर असमंजस में पड़ जाते हैं। अगर ऐप mPIN के जरिए लॉग-इन की सुविधा देता है, तो पासवर्ड रीसेट की प्रक्रिया को भी उसी के साथ आसान बनाया जाना चाहिए।
पासवर्ड रीसेट करते समय ईमेल या मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है। लेकिन कई बार यह OTP आने में काफी समय लग जाता है। जब यूजर जल्दी में टिकट बुक करना चाहता है, उस समय OTP का देर से आना पूरी प्रक्रिया को धीमा कर देता है। कई बार तो यूजर को बार-बार OTP भेजने का विकल्प चुनना पड़ता है, जिससे और ज्यादा समय बर्बाद होता है।
पासवर्ड रीसेट की प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी गड़बड़ियां (ग्लिच) भी देखने को मिल सकती हैं। कभी पेज लोड होने में समय लगता है, तो कभी ऐप बार-बार लॉग-इन स्क्रीन पर वापस आ जाता है। ऐसे तकनीकी मुद्दे किसी भी टिकट बुकिंग ऐप के लिए बड़ी समस्या बन सकते हैं, क्योंकि यहां हर सेकंड की अहमियत होती है। अगर टिकट बुकिंग के दौरान ऐप सही तरीके से काम नहीं करे, तो यूजर का अनुभव खराब हो सकता है।
Railone ऐप का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर डिजिटल सुविधा देना है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी सुधार करना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले पासवर्ड एक्सपायर होने से पहले नोटिफिकेशन भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा mPIN और पासवर्ड सिस्टम को बेहतर तरीके से इंटीग्रेट करना चाहिए ताकि यूजर को लॉग-इन और पासवर्ड रीसेट में दिक्कत न आए।
अगर इन समस्याओं को जल्दी ठीक किया जाता है, तो यह ऐप आने वाले समय में ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बन सकता है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा