Prabhasakshi NewsRoom: Mojtaba Khamenei कोमा में हैं तो Iran की सत्ता को चला कौन रहा है?

By नीरज कुमार दुबे | Apr 07, 2026

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर जो ताजा खुलासा सामने आया है, उसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि 56 वर्षीय यह ताकतवर धर्मगुरु इस वक्त कुम शहर में बेहोशी की हालत में गंभीर चिकित्सा देखरेख में हैं। यह खबर पूरे ईरान की सत्ता संरचना के हिल जाने का संकेत है। हम आपको बता दें कि खुफिया आकलनों पर आधारित एक राजनयिक दस्तावेज के अनुसार मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है और वह शासन से जुड़े किसी भी निर्णय में शामिल होने की स्थिति में नहीं हैं। यह पहली बार है जब उनकी वास्तविक लोकेशन सार्वजनिक रूप से सामने आई है। अब तक उनकी मौजूदगी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब साफ हो गया है कि सत्ता का असली केंद्र कहीं और खिसक चुका है।

इसे भी पढ़ें: Donald Trump का मीडिया को अल्टीमेटम- 'गद्दार का नाम बताओ वरना जेल की सलाखों के पीछे जाओ!'

यही खामोशी अब सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है। विपक्षी समूहों का दावा है कि मोजतबा खामेनेई कोमा में हैं, जबकि कुछ अपुष्ट खबरें कहती हैं कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें हड्डियां टूटना और चेहरे पर गहरे घाव शामिल हैं। अगर यह सच है, तो इसका मतलब साफ है कि ईरान की सर्वोच्च सत्ता इस समय नेतृत्वविहीन हो चुकी है।

इस पूरी स्थिति ने सत्ता के वास्तविक नियंत्रण को लेकर गहरे संदेह पैदा कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ही असली फैसले ले रहा है? क्या मोजतबा खामेनेई सिर्फ नाम मात्र के नेता बनकर रह गए हैं? इन सवालों ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने इन आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह सीधे सर्वोच्च नेता से नहीं, बल्कि ईरान के अन्य अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। यह संकेत है कि असली ताकत अब किसी और के हाथ में है।

उधर, कुम में अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार एक विशाल मकबरे का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कई कब्रें बनाई जा सकती हैं। लेकिन यहां भी एक असामान्य देरी ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। शिया परंपरा के अनुसार शव को जल्द से जल्द दफनाया जाता है, लेकिन यहां 40 दिन बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ। यह देरी सिर्फ रस्मों की नहीं, बल्कि अंदरूनी उथल पुथल की गवाही दे रही है।

इस बीच, अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव लगातार चरम पर पहुंचता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप बार बार ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे बिजली संयंत्र और पुलों पर हमले की धमकी दे चुके हैं। होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चेतावनियां दी जा रही हैं। दूसरी तरफ ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और युद्धविराम के प्रस्तावों को ठुकरा चुका है।

बहरहाल, पूरी दुनिया इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां एक देश की अंदरूनी कमजोरी वैश्विक संकट में बदल सकती है। ईरान में सत्ता का यह धुंधलापन न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा रहा है, बल्कि यह भी संकेत दे रहा है कि आने वाले दिन और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं, बल्कि यह है कि ईरान को असल में चला कौन रहा है?

प्रमुख खबरें

Monaco Grand Prix: 19 साल के Kimi Antonelli ने रचा इतिहास, तोड़ा Lewis Hamilton का 16 साल पुराना रिकॉर्ड

FIFA World Cup 2026: आखिरी लम्हों में खत्म हुआ सस्पेंस, ईरानी टीम को मिला USA का वीजा

French Open 2026: 19 साल की Mirra Andreeva का बड़ा कमाल, जीता पहला Grand Slam खिताब

Shreyas Iyer को T20 कप्तानी, Sanjay Manjrekar ने उठाए सवाल, Shubman Gill थे पहली पसंद!