By अभिनय आकाश | Mar 31, 2026
अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा था कि वो ईरान का तेल और उसकी जमीन कब्जा लेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान का तेल अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। 29 मार्च को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप बोले मुझे सबसे अच्छा यही लगता है कि हम ईरान का तेल ले लें। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की जहां राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उठाने के बाद से वहां के तेल इंडस्ट्री को लंबे समय तक अपने कंट्रोल में रखने की योजना बनाई गई है। ईरान का ज्यादातर तेल एक ही जगह से बाहर आता है खार्ग आइलैंड से।
खर्ग आइलैंड तो ईरान के लिए अन्नदाता की भूमिका निभाता है। यहां से ईरान का 90% तेल एक्सपोर्ट होता है। लेकिन पिछले एक महीने से इसराइल और अमेरिकी हमले झेल रहे ईरान के सामने इस वक्त सबसे बड़ा चैलेंज अपने इस द्वीप को बचाने का है। बचाना इसलिए है क्योंकि अमेरिका इस जजीरे पर गिद्ध की नजर गड़ाए बैठा है। इस द्वीप को इसराइल ने टारगेट बनाने का प्रयास भी किया। था। खर्ग सिर्फ एक आइलैंड ही नहीं, समुंदर के बीच जमीन का एक टुकड़ा ही नहीं बल्कि ईरान की इकॉनमी की धड़कन है। यही वो जगह है जहां से ईरान का तेल दुनिया भर में जाता है। अगर यह रुक जाए तो ईरान की इकॉनमी करीब-करीब ठप होने का खतरा है। इसलिए खर्ग आइलैंड को बचाने के लिए ईरान ने कमर कस ली है। कुछ तस्वीरें तो सोशल मीडिया पर यह भी आई थी कि ईरान के आम नौजवान खर आइलैंड को बचाने खुद ही लड़ने के लिए निकल गए हैं। ऐसा ही है केशम द्वीप जो कि फारस की खाड़ी पर मौजूद है और यहां पर भी ईरान ने अपनी नेवी अपनी फोर्सेस मुस्तैद कर दी हैं। 7 मार्च 2026 को अमेरिकी इसराइल एयर स्ट्राइक ने द्वीप के डिसलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया था, जिसमें 30 गांव की पानी की सप्लाई ठप हो गई थी। इसके जवाब में आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था और उन्हें नाबूद करके रख दिया था।