लाउडस्पीकर विवाद पर बोले लालू प्रसाद यादव, देश को बांटने की हो रही कोशिश ! हनुमान चालीसा पढ़ना है तो मंदिरों में पढ़ें

By अनुराग गुप्ता | May 04, 2022

पटना। देश में लाउडस्पीकर से लेकर हनुमान चालीसा तक विवाद गर्माया हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में दिखाई दे रहा है। जहां पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हिंदुओं का आह्वान किया है। उन्होंने उग्र तेवर दिखाते हुए कहा है कि जब तक मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर शांत नहीं होते, उनके पार्टी कार्यकर्ता भी तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाना जारी रखेंगे। इसके साथ ही राज ठाकरे कई दफा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लाउडस्पीकर को लिए गए फैसले की भी तारीफ कर चुके हैं। 

महाराष्ट्र के रास्ते उत्तर प्रदेश होते हुए लाउडस्पीकर का मुद्दा बिहार में भी पहुंच चुका है। इस संबंध में जमकर राजनीति हो रही है और भाजपा नेता मस्जिदों से लाउडस्‍पीकर हटाने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर आप लोगों को हनुमान चालीसा का पाठ करना है तो मंदिरों में जाकर करें। हालांकि बिहार सरकार लाउडस्पीकर मामले को लेकर स्पष्ट है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बिहार में मंदिर और मस्जिद से लाउडस्पीकर नहीं उतारे जाएंगे और उन्हें कई नेताओं को भी साथ मिला है।

लोगों को किया जा रहा परेशान

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एम्स से छुट्टी मिलने के बाद लाउडस्पीकर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ये सब देश को बांटने के लिए किया जा रहा है। आपको हनुमान चालीसा पढ़ना है तो अपने मंदिरों में पढ़ें। इन सब से लोगों को परेशान किया जा रहा है ताकि दंगा फसाद हो। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय जनगणना के विषय पर बेटे तेजस्वी यादव का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव ने सही कहा है, जनजातीय जनगणना होनी चाहिए।  

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि उनकी सरकार धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करती है। उन्होंने कहा था कि यह सब फालतू की बातें हैं। सभी जानते हैं कि बिहार में हम किसी भी तरह के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। निश्चित रूप से कुछ लोग सोचते हैं कि उनका काम मुद्दे उठाना है और वे इसे करते रहते हैं।

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