IIT प्रमुख ने कहा- जेईई और नीट परीक्षा में देरी से ‘शून्य सत्र’ होने का खतरा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 27, 2020

नयी दिल्ली। कई आईआईटी संस्थानों के निदेशकों ने कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली नीट एवं जेईई परीक्षा में और देरी से ‘शून्य शैक्षणिक सत्र’ का खतरा है। वहीं, परीक्षा के स्थान पर अपनाए जाने वाले किसी भी त्वरित विकल्प से शिक्षा की गुणवत्ता कम होगी एवं इसका नकारात्मक असर होगा। कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से दोनों परीक्षाओं को स्थगित करने की तेज होती मांग के बीच आईआईटी के निदेशकों ने विद्यार्थियों से परीक्षा कराने वाली संस्था पर भरोसा रखने की अपील की। आईआईटी रूड़की के निदेशक अजित के चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘इस महमारी की वजह से पहले ही कई विद्यार्थियों और संस्थानों की अकामिक योजना प्रभावित हुई है और हम जल्द वायरस को जाते हुए नहीं देख रहे हैं। हमें इस अकादमिक सत्र को ‘शून्य’ नहीं होने देना चाहिए क्योंकि इसका असर कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को व्यवस्था के प्रति आस्था रखने की जरूरत है। चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘इन परीक्षाओं को कराने का फैसला सभी मौजूदा परिस्थितियों पर विचार करने के बाद किया गया। सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित कर रही है। परीक्षा में देरी का नकारात्मक असर होगा और इसलिए हम सभी को एकजुट होकर इसकी अहमियत समझनी चाहिए और व्यवस्था द्वारा बाधा रहित परीक्षा कराने का समर्थन करना चाहिए।’’ 

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