By Ankit Jaiswal | Jul 30, 2026
स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में इन दिनों बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सैकड़ों लोग समुद्र के रास्ते तैरकर या अस्थायी तैरने वाले साधनों की मदद से सीमा पार कर स्यूटा पहुंच गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे और वयस्क शामिल बताए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में लगभग 1,500 लोग समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचे हैं। स्यूटा के प्रमुख हुआन विवास ने हालात को गंभीर बताते हुए कहा कि क्षेत्र इस समय मानवीय और सामाजिक आपात स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी राहत केंद्र पूरी तरह भर चुके हैं और अब नए लोगों को ठहराने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची हैं। उनके मुताबिक, प्रतिदिन 200 से अधिक लोग स्यूटा में प्रवेश कर रहे हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कई प्रवासी सीमा पार करने के बाद सड़कों पर दिखाई दिए और कुछ लोगों ने स्पेन पहुंचने पर खुशी भी जाहिर की। वहीं स्पेन की पुलिस और सुरक्षा बलों ने कई लोगों को स्थानीय राहत केंद्रों की ओर भेजने का प्रयास किया। दूसरी ओर, मोरक्को की सीमा से लगे फनिदेक इलाके में भी सैकड़ों लोग सीमा के पास एकत्रित दिखाई दिए। कई लोगों का कहना था कि उन्हें यह सूचना मिली थी कि सीमा खोली जा सकती है, हालांकि इस संबंध में मोरक्को की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम मोरक्को के राष्ट्रीय उत्सव थ्रोन डे के दौरान सामने आया है। हालांकि दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने कहा कि उनकी सरकार स्यूटा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और तत्काल राहत तथा सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोरक्को और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर हालात को जल्द सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही हैं।
वहीं स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे मार्लास्का के स्यूटा का दौरा करने की भी जानकारी सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से पहुंचे लोगों को जल्द से जल्द मोरक्को भेजने की प्रक्रिया पर दोनों देशों के बीच सहयोग किया जाएगा। साथ ही समुद्र में किसी भी तरह की जनहानि रोकने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए जा रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद स्पेन की विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह केवल प्रवास का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रह सकती है।