Rawalpindi on High Alert | जेल से इमरान खान की विरोध प्रदर्शन की अपील, रावलपिंडी में सुरक्षा सख्त, पाकिस्तान में तनाव का माहौल

By रेनू तिवारी | Dec 22, 2025

रावलपिंडी में भारी सुरक्षा तैनात की गई, क्योंकि अधिकारियों को संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका थी। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने तोशाखाना 2 भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने की खबरों के बाद अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी। न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शनों की आशंका के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,300 से ज़्यादा पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया था।

पाकिस्तान में भारी बवाल की आशंका 

इसके अतिरिक्त, एलीट फोर्स कमांडो के सात सेक्शन, रैपिड इमरजेंसी एंड सिक्योरिटी ऑपरेशंस के 22 कर्मी और एंटी-रायट्स मैनेजमेंट विंग के 400 कर्मियों को तैनात किया गया है। ‘तोशाखाना 2’ भ्रष्टाचार मामले में खान और उनकी पत्नी बुशरा को शनिवार को एक अदालत ने 17-17 साल जेल की सजा सुनाई। तिहत्तर वर्षीय खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। अप्रैल 2022 में सत्ता से बाहर होने के बाद से उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं।

रावलपिंडी छावनी में तब्दील 

‘तोशाखाना 2’ मामले में दंपति पर 2021 में सऊदी सरकार से मिले राजकीय उपहारों के संबंध में धोखाधड़ी करने का आरोप है। खान के ‘एक्स’ पर आधी रात को पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार, ‘‘सैन्य शैली में आए मुकदमे के फैसले’’ के बाद अडियाला जेल में अपने वकीलों के साथ बातचीत में, खान ने अपने समर्थकों से फैसले के बाद विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया। यह पता नहीं चल पाया है कि जेल में रहने की वजह से खान के सोशल मीडिया हैंडल तक पहुंच न होने के चलते उनकी बातचीत को उनके निजी खाते पर किसने पोस्ट किया।

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उन्होंने कहा, “मैंने (खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री) सोहेल अफरीदी को सड़क पर आंदोलन की तैयारी करने का संदेश भेजा है। पूरे देश को अपने अधिकारों के लिए उठ खड़ा होना होगा।” खान ने कहा, “संघर्ष ही इबादत है, और मैं पाकिस्तान की सच्ची आजादी के लिए शहादत को गले लगाने के लिए भी तैयार हूं।” उन्होंने कहा कि नवीनतम फैसला उनके लिए कोई हैरत की बात नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी कानूनी टीम से इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का अनुरोध किया। खान ने कहा, “पिछले तीन वर्षों के निराधार निर्णयों और सजाओं की तरह, तोशाखाना-दो का फैसला भी मेरे लिए कोई नई बात नहीं है। यह फैसला न्यायाधीश ने बिना किसी सबूत के और कानूनी आवश्यकताओं को पूरा किए बिना जल्दबाजी में दिया है।”

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उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम की बात तो सुनी तक नहीं गई। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “कानून की सर्वोच्चता स्थापित करने और संविधान को बहाल करने के संघर्ष के लिए ‘इंसाफ लॉयर्स फोरम’ और अधिवक्ता मोर्चे का आगे आना आवश्यक है। केवल न्याय व्यवस्था ही जनता की रक्षा कर सकती है। इसके बिना न तो आर्थिक प्रगति संभव है और न ही नैतिक विकास।”

उन्होंने अपनी हिरासत के लिए सेना के नेतृत्व पर भी निशाना साधा, लेकिन साथ हीयह भी कहा कि ‘‘फौज मेरी है’’, जिससे सशस्त्र बलों के शीर्ष नेतृत्व पर हमला करते हुए सेना का समर्थन हासिल करने का उनका प्रयास स्पष्ट होता है। खान ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पत्नी को ‘‘लगातार एकांत कारावास में रखकर मानसिक यातना दी जा रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, “हमारी किताबों, टीवी और मुलाकातों पर प्रतिबंध है। जेल में हर कैदी टीवी देख सकता है, लेकिन मेरे और बीबी बुशरा के लिए टीवी देखना भी प्रतिबंधित है।”

तोशाखाना मंत्रिमंडल विभाग के तहत आने वाला एक विभाग है जो विदेशी सरकारों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पाकिस्तान के शासकों और सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहारों का संग्रह करता है। उपहारों के एक बार जमा हो जाने के बाद इन्हें उचित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वापस खरीदा जा सकता है।

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