By अभिनय आकाश | Apr 02, 2022
इमरान खान की कुर्सी पर खतरा आया तो उन्हें हिन्दुस्तान की याद आ रही है। एक बार फिर उन्होंने भारत की विदेश नीति की तारीफ की इमरान सरकार के मंत्री सरकार बचाने के लिए तरह-तरह की दलीलें भी दे रहे हैं। कोई ये यकीन नहीं कर सकता कि इमरान खुलकर भारत और नरेंद्र मोदी की तारीफ करेंगे। इमरान खान ने खुद कबूल कर लिया की हिन्दुस्तान के सामने पाकिस्तान की कोई हैसियत नहीं है। इमरान की जुबान पर बार-बार भारत और मोदी का नाम क्यों आ रहा है। दुश्मन जब मीठी-मीठी बातें करने लगे तो उसकी नीयत को समझना चाहिए।
आई, मी और माय सेल्फ
88 बार मैं, 16 बार मुझे, 11 बार मेरा और 14 बार इमरान खान 45 मिनट की बोरिंग स्पीच में पाकिस्तानी कप्तान अपना ही गुणगान करते नजर आए। लेकिन धीरे-धीरे इमरान आई, मी और माय सेल्फ छोड़कर मोदी-मोदी करते नजर आए। इमरान अब टीवी पर ज्यादा दिख रहे हैं पहले 45 मिनट का संबोधन फिर अगले ही दिन एक पाकिस्तानी चैनल को इंटर्व्यू दिया। यहां भी वही घिसी पिटी स्क्रिप्ट इमरान ने पढ़ डाली।
हिन्दुस्तान की तारीफ
बीते दिन इमरान ने कहा, 'मैं हिंदुस्तान को दाद देता हूं, उनकी विदेश नीति स्वतंत्र रही है और केवल अपने लोगों के लिए रही है। वो अपनी विदेश नीति की रक्षा करने बेहद अच्छे से जानते हैं। उन्होंने दो-दो बार भारत के तारीफों के पुल बांध दिए। पहले उन्होंने इस्लामाबाद सिक्यॉरिटी डायलॉग में और फिर एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में भारतीय विदेश नीति की खासियतें गिनाईं।
मुसीबत में फंसी जान तो मोदी बने महान
ये वही इमरान हैं तो कल तक मोदी को भला-बुरा कह रहे थे। मगर समय का चक्र देखिए आज भारत की तारीफ करते नहीं थक रहे। विदेश नीति हो या देश के भीतर की नीति इमरान हर फ्रंट पर फ्लाप साबित हुए हैं। ऐसे में इमरान की उम्मीद की एक ही किरण नजर आ रही है और वो हैं नरेंद्र मोदी। अब तो रूस ने भी मान लिया है कि वो भारत की है जो मास्को वाली टेंशन खत्म कर सकता है। रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता कर सकता है। वैश्वकि राजनीति में नरेंद्र मोदी एक बहुत बड़ा फैक्टर हैं। इमरान को पता है इसलिए एक हफ्ते से लगातार मोदी-मोदी किए जा रहे हैं।