By अंकित सिंह | Mar 18, 2026
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नागांव सांसद प्रद्युत बरदोलोई द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इसमें कोई हिंदू-मुस्लिम मुद्दा शामिल नहीं है और बरदोलोई के दावों को व्यक्तिगत एजेंडे से प्रेरित बताया है। लोकसभा में सहारनपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले और आगामी असम चुनावों के लिए कांग्रेस की चयन समिति के सदस्य मसूद ने कहा कि मेरे प्रति कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है, बल्कि यह उनका निजी एजेंडा है। असम में हम कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। मैंने पार्टी को सही रिपोर्ट सौंपी है। वे मुझसे नाराज नहीं हैं। बस उनका निजी एजेंडा विफल हो गया है। असम में सारा खेल पैसे का है।
हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए बरदोलोई ने कांग्रेस छोड़ने का कारण लगातार आंतरिक अपमान और पार्टी नेतृत्व से समर्थन की कमी बताया। उन्होंने असम केंद्रीय चुनाव समिति की एक बैठक का जिक्र किया, जहां मसूद ने कथित तौर पर एक उम्मीदवार के खिलाफ उनके आरोपों को मनगढ़ंत बताकर खारिज कर दिया था। बरदोलोई ने उस उम्मीदवार पर आपराधिक सांठगांठ का आरोप लगाया था। बरदोलोई ने कहा कि कोई एक कारण नहीं है। मैं घुटन महसूस कर रहा था और मेरा अपमान किया जा रहा था।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे पता चला कि इमरान मसूद जैसे सांप्रदायिक नेता ने कहा कि जिस उम्मीदवार के खिलाफ मैंने आपराधिक सांठगांठ के सबूत दिए थे, उसके बारे में मैं जो कुछ भी कह रहा था, वह सब झूठ और मनगढ़ंत था। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में इमरान मसूद ने यह कहने की धृष्टता की कि प्रद्युत बरदोलोई ने जो कुछ भी कहा वह सब मनगढ़ंत था। वहां मौजूद एपीसीसी अध्यक्ष चुप रहे। इससे मुझे बहुत दुख हुआ।