By रेनू तिवारी | Jan 06, 2026
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है, जब 1,300 की आबादी वाले एक गांव में करीब 27,000 जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन किए गए। जबकि शेंदुरसानी ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 1,300 है, सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के ज़रिए जारी किए गए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों की संख्या लगभग 27,000 है। यह आंकड़ा गांव की आबादी के हिसाब से बिल्कुल मेल नहीं खाता है और डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म से जुड़े दुरुपयोग, हेरफेर या धोखाधड़ी वाली गतिविधि का गहरा शक पैदा करता है।
अधिकारी के अनुसार, फिलहाल जांच का नेतृत्व यवतमाल के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कर रहे हैं। मामले की गंभीरता और संभावित प्रभावों को देखते हुए गृह विभाग ने महाराष्ट्र साइबर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) की निगरानी में एसआईटी के माध्यम से व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है।
एसआईटी में उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। अधिकारी ने बताया कि एसआईटी इस सप्ताह के अंत में ग्राम पंचायत का दौरा कर मौके पर सत्यापन करेगी, कार्यप्रणालियों की जांच करेगी और उन प्रणालीगत व प्रक्रियात्मक खामियों की पहचान करेगी, जिनका दुरुपयोग किया गया हो सकता है। अधिकारी ने कहा कि एसआईटी की हालिया बैठक में प्रमुख अवलोकन दर्ज किए गए और जांच अधिकारी को जांच के दौरान कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पर्यवेक्षणीय निर्देश जारी किए गए।
News Source- Press Trust of India