By अभिनय आकाश | Sep 06, 2025
जितनी मजबूत दौलत होगी। उतनी ही मजबूत सेहत होगी। यही बात आज भारत और यूएई की साझेदारी पर सटीक बैठ रही है। एक तरफ जहां अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया। दूसरी तरफ भारत और यूनाइटेड अरब अमीरात यानी यूएई ने एक नई पहल शुरू कर दी, जो न सिर्फ हेल्थ सेक्टर को मजबूत करेगी। बल्कि डॉलर की बादशाहत को भी सीधी चुनौती देगी। भारत से अब यूएई को दवाईयां जाएंगी। लेकिन डील डॉलर में नहीं बल्कि भारतीय रुपए और यूएई दिरहम में होगी। ये दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने वाला कदम है। इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार पर भी पड़ने वाला है। भारत और यूएई ने फॉर्मा सेक्टर में बड़े स्तर पर ट्रेड बढ़ाने को लेकर बातचीत की है। इसके साथ ही एक लोकल सेटेलमेंट करेंसी सिस्टम यानी रुपए और दिरहम में लेनदेन शुरू करने की। मतलब साफ है कि भारत यूएई व्यापार के लिए अमेरिकी डॉलर की जरूरत कम होगी।
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश व्यापार मंत्री, डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी के साथ बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए, हितधारकों ने निर्यात को सुव्यवस्थित करने के लिए भारतीय सुविधाओं के नियामक निरीक्षण में तेजी लाने पर चर्चा की। इसके अलावा, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पारंपरिक चिकित्सा में उभरते अवसरों पर भी विचार साझा किए, जिसमें भारत-यूएई साझेदारी के तहत आयुर्वेदिक उत्पादों पर विशेष जोर दिया गया।