श्रीलंका: 37 राज्य मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर विक्रमसिंघे विपक्ष के निशाने पर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 12, 2022

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ऐसे समय 37 राज्य मंत्रियों को अपनी सरकार में शामिल करने और जल्द ही कम से कम 12 और कैबिनेट मंत्रियों को नियुक्त करने के कदम को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं जब द्वीपीय देश दिवालियेपन का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बृहस्पतिवार को 37 कनिष्ठ मंत्रियों को नियुक्त किया था, जो मुख्य रूप से सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) और श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) से हैं।

मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालवेगया (एसजेबी) के नेता साजिथ प्रेमदासा ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति और सरकार को उन लोगों की पीड़ा की कोई परवाह नहीं है जिन्हें गुजर बसर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।’’ जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) नेता अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा कि सरकार राज्य के मंत्रियों को सांसदों (सांसदों) के वेतन की पेशकश करके ज्यादा बचत नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें भारी ईंधन भत्ते की अनुमति दी जा रही है जबकि टुक टुक (तिपहिया वाहन) ऑपरेटरों को केवल सीमित ईंधन की अनुमति दी गई है।’’ शहरी विकास एवं आवास मंत्री और मुख्य सरकारी सचेतक प्रसन्ना रणतुंगा ने कहा था कि नये राज्य मंत्री देश पर बोझ नहीं बनेंगे क्योंकि वे बिना किसी मंत्री के विशेषाधिकार के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि सभी राज्य मंत्री सांसदों के वेतन पर काम करेंगे, इसलिए वे सरकार पर कोई बड़ा बोझ नहीं होंगे। देश 1948 में अपनी स्वतंत्रता के बाद से अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है। यह संकट विदेशी मुद्रा भंडार की गंभीर कमी के कारण उत्पन्न हुआ है।

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