By सुयश भट्ट | Feb 19, 2022
भोपाल। मध्य प्रदेश के इंदौर के बहुचर्चित बल्ला कांड में अब एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ शिकायत करने वाले अधिकारी अब अपने बयान से पलट गए हैं। आकाश विजयवर्गीय ने जिस निगम अधिकारी को बल्ले से पीटा था उन्होंने अब कोर्ट में कहा है कि उन्हें यह नहीं पता कि बल्ले से किसने उनकी पिटाई की।
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इस मामले पर यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा कि बीजेपी शासन में अधिकारी अंधे हो जाते हैं। निगमकर्मियों को भूमाफिया नहीं दिखते। पुलिस को रेत माफिया नहीं दिखते और यही तो माफियातंत्र। जब बात माफियाओं के सरदार कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश की आई है तो जिस निगम अधिकारी की कुटाई हुई वह ये नहीं देख पाया कि कूटने वाला कौन था।
आपको बता दें कि 2019 में इंदौर के गंजीकंपाउंड क्षेत्र में एक जर्जर भवन ढहाने की मुहिम के दौरान अचानक बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय पहुंच गए। यहां उन्होंने नगर निगम के तत्कालीन भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस को क्रिकेट बैट से पीटा था। उन्होंने धमकी दी थी कि 10 मिनट में यहां से निकल जाओ, वर्ना जो कुछ होगा उसके जिम्मेदार आप लोग होंगे।