By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 10, 2018
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि ईंधन के दामों में रोजाना बढ़ोत्तरी और रुपये का अप्रत्याशित अवमूल्यन भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा ‘अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन’ का नतीजा है। उन्होंने कहा कि लेकिन, बेतहाशा बढ़ते ईंधन दाम के विरुद्ध कांग्रेस समेत 21 दलों का भारत बंद विरोध का पहला और आखिरी विकल्प नहीं है। उन्होंने राज्य सचिवालय में संवाददताओं से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की हालत 2016 में नोटबंदी और बाद में जीएसटी लागू करने के साथ बिगड़ने लगी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि मैं मुद्दे का समर्थन करती हूं लेकिन तृणमूल कांग्रेस बंद में हिस्सा नहीं लेगी क्योंकि पहला, उसने (कांग्रेस ने) निर्णय लेने से पहले हमसे संपर्क नहीं किया। और फिर, हम सिद्धांतत: बंद और हड़ताल का आह्वान करने का समर्थन नहीं करते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे उन्होंने तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय को दिल्ली में प्रदर्शन रैली में हिस्सा लेने भेजा ताकि विपक्षी एकता प्रभावित न हो। ईंधन पर कुछ राज्यों द्वारा वैट घटाये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों ने पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट में कटौती का निर्णय लिया है लेकिन इससे स्थिति में मदद नहीं मिलेगी। दरअसल ईंधन का दाम रोज बढ़ रहा है।’’