चुनावी बॉण्ड मामले की Supreme Court की निगरानी में स्वतंत्र जांच जरूरी : Congress

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 16, 2024

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि चुनावी बॉण्ड घोटाले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच होना जरूरी है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में सरकार का मतलब “जितना चंदा, उतना हक” है। निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को चुनावी बॉण्ड के आंकड़े सार्वजनिक कर दिये। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 12 मार्च को आयोग के साथ आंकड़े साझा किये थे। 

उन्होंने दावा किया , इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों ने भारी मात्रा में चंदा दिया है। उदाहरण के लिए मेघा इंजीनियरिंग, तेलंगाना में कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर काम कर रही थी। मेघा ने मेडीगड्डा बैराज के कुछ हिस्से का निर्माण किया, जो इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसा हुआ कि बैराज डूबने लगा, जिससे करदाताओं का एक लाख करोड़ रुपए बर्बाद हो गए। उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इस तरह बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के ख़राब होने कई उदाहरण देखे गए हैं, ऐसा ही एक और उदाहरण गुजरात का मोरबी है। 

रमेश ने कहा, कंपनियों ने चुनावी बॉण्ड खरीदने के बाद पर्यावरण संबंधी मंजूरी प्राप्त किया। चुनावी बॉण्ड से कितनी वन भूमि नष्ट हुई? भाजपा का खज़ाना भरा रखने का बोझ किन आदिवासी समुदायों को उठाना पड़ा है? उन्होंने दावा किया, चुनावी बॉण्ड घोटाले के माध्यम से सामने आए इन भ्रष्ट कार्यों के अलावा आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी के पसंदीदा कारोबारी समूह की अमेरिकी जांच से संबंधित खबरें सामने आई है। कांग्रेस ने इससे पहले अपनी हम अडाणी के हैं कौन सीरीज में मोदानी घोटाले पर 100 सवाल पूछे थे। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि मोदानी घोटाले और चुनावी बॉण्ड घोटाले के बीच प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया है।

प्रमुख खबरें

West Tripura Floods | वेस्ट त्रिपुरा में भारी बारिश से हावड़ा और कथाखाल नदियां उफान पर, 1,300 से अधिक लोग राहत शिविरों में स्थानांतरित

ED ने Cyber Fraud में दो आरोपी पकड़े, 30,000 करोड़ के लेनदेन की हो रही जांच

Punjab Governor Gulab Chand Kataria ने Fazilka बॉर्डर पर BSF पोस्ट का दौरा किया

Eknath Shinde ने Pune मामले में फास्ट ट्रैक सुनवाई और फांसी की सजा का दिया आश्वासन