अकेले भारत...होर्मुज संकट के बीच रूसी CEO का बड़ा बयान

By अभिनय आकाश | Jun 08, 2026

भारत की आर्थिक ताकत का लोहा अब पूरी दुनिया मानने लगी है। वैश्विक स्तर पर युद्ध, ऊर्जा संकट, होरमुज स्टेट में बढ़ता तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.7% रही जो अनुमान से बेहतर है। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी आर्थिक संस्थाएं और उद्योग जगत भी भारत को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं में गिन रहे हैं। इस बीच रूस की प्रमुख तेल कंपनी रोसनेफ्ट की सीईओ इगोर सेचीन ने भारत को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। ईगोर से चीन ने कहा है कि साल 2035 तक वैश्विक तेल मांग में होने वाली वृद्धि का करीब 50% हिस्सा अकेले भारत से आएगा। यानी आने वाले सालों में दुनिया के ऊर्जा बाजार में भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने जा रही है। बता दें कि रोस नेफ्ट के सीईओ इगोर सेचीन ने यह बयान रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए दिया है। 

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दोनों देशों की दोस्ती कई दशकों पुरानी है। भारत और रूस मुश्किल समय में भी एक दूसरे की किसी ना किसी तरह से मदद करते रहे हैं। भारत और रूस के रिश्तों की शुरुआत उस दौर में हुई थी जब रूस सोवियत संघ का हिस्सा था। शीत युद्ध के समय सोवियत संघ ने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का साथ दिया था। साल 1971 में बांग्लादेश मुक्तिसंग्राम के दौरान सोवियत संघ का समर्थन भारत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हुआ था। दरअसल यही वह समय था जब दोनों देशों के बीच विश्वास की नींव और मजबूत हुई। सोवियत संघ के विघटन के बाद दुनिया की राजनीति में बड़ा बदलाव आया लेकिन भारत और रूस के रिश्तों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा। दोनों देशों ने नए वैश्विक माहौल के अनुसार अपने संबंधों को फिर से परिभाषित किया और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाया। पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में इसका जिक्र करते हुए कहा था कि यह ऐसा रिश्ता है जिस पर हम दशकों से काम कर रहे हैं। 1947 में जब सोवियत संघ ने भारत के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे तब से हम एक नए स्वतंत्र राष्ट्र की स्थापना में हर संभव सहयोग करते रहे हैं। पुतिन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा था। बता दें कि पुतिन इसी साल 12 13 सितंबर को नई दिल्ली में हो रही ब्रिक्स की बैठक में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आने वाले हैं।

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