भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंध के लिए ऐतिहासिक रहा 2018

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 30, 2018

वाशिंगटन। व्यापार के मुद्दों पर विवाद के बावजूद, भारत और अमेरिका ने 2018 में अपनी रणनीतिक और रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने में "ऐतिहासिक" प्रगति की। जापान के साथ पहली त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने से लेकर पहली 2+2 वार्ता तक, भारत और अमेरिका इस साल अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गये। 2+2 के दौरान दोनों देशों ने लंबे समय से लंबित कॉमकासा समझौता पर हस्ताक्षर किये। इसके तहत भारत अमेरिका से अधिक संवेदनशील और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीदी कर सकेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सितंबर में भारत को "टैरिफ किंग" कहकर व्यापार विवाद छेड़ दिया था। हालांकि, दो महीने बाद, उन्होंने भारतीयों की अच्छे वार्ताकारों के रूप में प्रशंसा की जब दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार सौदे पर बातचीत शुरू की।

भारत उन कुछ देशों में से है, जिसने ट्रम्प प्रशासन से ईरान प्रतिबंधों पर छूट हासिल की है। भारत ने पाकिस्तान पर 2008 के मुंबई हमले के अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए दबाव डाला और 26/11 हमले की साजिश रचने या हमले को अंजाम देने के किसी भी दोषी की किसी देश में गिरफ्तारी या सजा की सूचना देने के लिए 50 लाख अमरीकी डॉलर के इनाम की घोषणा की। दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिका की प्रधान उप सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने कहा, ‘‘यह अमेरिका-भारत संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष रहा है क्योंकि हम हरके क्षेत्र में मजबूत संबंध स्थापित कर रहे हैं।’’  ट्रंप सरकार में अहम स्थान रखने वाली वेल्स ने कहा, ‘‘पिछले महीने, ब्यूनस आयर्स में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ पहली अमेरिका-भारत-जापान त्रिपक्षीय बैठक की, तीनों नेताओं के बीच हुई उस बैठक को प्रधानमंत्री मोदी ने 'जय' कहा था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति पेंस ने सिंगापुर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान रणनीतिक साझेदारी की तीव्र प्रगति की समीक्षा की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने सितंबर में पहले 2+2 मंत्रिस्तरीय संवाद को "तेजी से हो रही हमारी गहरी दोस्ती का प्रतीक" बताया था।


यह भी पढ़ें: डोभाल ने भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य पर पोम्पिओ, मैटिस से की चर्चा

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ 2+2 वार्ता की थी। इसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा के साथ-साथ रक्षा, व्यापार, संचार इत्यादि जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई महत्त्वपूर्ण करार हुये। वेल्स ने कहा, ‘‘2+2 वार्ता, भारत को अमेरिका के एक प्रमुख रक्षा साझेदार के रूप में उल्लेख करने के साथ-साथ वैश्विक चुनौतियों पर आपसी सहयोग और स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र की हमारी साझी दृष्टि पर केंद्रित रहा था"  उन्होंने कहा, ‘‘"इस वार्ता का समापन संचार संगतता और सुरक्षा समझौते (कॉमकासा) पर हस्ताक्षर करने के साथ हुआ, जो हमारी सेनाओं के बीच अधिक पारस्परिकता प्रदान करेगा, सूचना और खुफिया जानकारियों के साझाकरण को बढ़ाएगा और ऊंच-श्रेणी की अमेरिकी सैन्य प्रौद्योगिकी तक भारत की पहुंच को सुनिश्चित करेगा।" उन्होंने कहा, ‘‘इस समझौते को अंतिम रूप देना एक ऐतिहासिक कदम था और तब से, हमने कई और समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो हमारे सैन्य क्षेत्रों और निजी क्षेत्रों को एक साथ काम करने में सक्षम बनाएगा।’’

प्रमुख खबरें

SEBI Order के खिलाफ SAT पहुंचे Zee Entertainment और Punit Goenka, बुधवार को होगी अहम सुनवाई

Lionel Messi को चैंपियन बनाने वाले पिता Jorge Messi का निधन, दिग्गज Rafael Nadal ने जताया गहरा शोक

Aston Villa छोड़ PSG लौटे Lucas Digne, 11 साल बाद फिर पहनेंगे पेरिस की जर्सी, 2029 तक हुआ Deal साइन

5 साल के फतेह ने Thailand में रचा इतिहास, Gatka on Skates में जीता World Martial Arts Games Gold Medal