By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
भारत और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) ने खेती और वानिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए पांच साल की नई कार्ययोजना शुरू करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय राजधानी में इस विषय पर अपनी नौवीं मंत्री-स्तरीय बैठक की। नौ सितंबर को हुई इस बैठक की सह-अध्यक्षता फिलिपीन के कृषि मंत्री फ्रांसिस्को पी. तियू लॉरेल (जो आसियान अध्यक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे थे) और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की।
बैठक में वर्ष 2021-25 की मौजूदा योजना के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसमें वर्ष 2023 में जकार्ता और नयी दिल्ली में आयोजित आसियान-भारत मिलेट्स (मोटे अनाज) सम्मेलन और वर्ष 2024 में शुरू किए गए आसियान-भारत फेलोशिप कार्यक्रम जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। इस कार्यक्रम के तहत आसियान देशों के विद्यार्थियों को कृषि और संबंधित विज्ञान में पांच वर्षों के लिए 50 मास्टर छात्रवृत्ति दी जाएंगी।
मंत्रियों ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं - जैसे जलवायु परिवर्तन, भू-राजनीतिक तनाव, उर्वरक और ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव और व्यापार में रुकावट - ने मजबूत खाद्य और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया है। उन्होंने मजबूत क्षेत्रीय निगरानी, शुरुआती चेतावनी प्रणालियों और आपूर्ति के विविध स्रोतों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें छोटे किसानों और कमजोर समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों को नई योजना को समय-सीमा, मुख्य एजेंसियों और वित्तपोषण के स्रोतों के साथ एक ‘परिणाम-उन्मुख’ कार्य कार्यक्रम में बदलने का काम सौंपा गया।
इस बात पर भी सहमति बनी कि मंत्रियों की बैठक का दसवां संस्करण 2028 में आयोजित किया जाएगा।