By अंकित सिंह | Oct 06, 2026
मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर 'इंडिया' गठबंधन के विरोध मार्च के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर आज़ादी के बाद से नागरिकों को मिले अधिकारों को "छीनने" की कोशिश करने का आरोप लगाया। मार्च के दौरान खड़गे ने चेतावनी दी कि अगर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा मंडराया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवा मतदाताओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को मिले अधिकारों पर हमले हो रहे हैं।
खरगे ने चुनाव आयोग की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने अपने ही सदस्यों की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया और चुनाव प्रक्रिया को गलत तरीके से चलाया। उन्होंने कहा कि जब आपके चुने हुए सदस्यों, आपके ही लोगों ने बोलते समय गलती की, तो उन्होंने गलत चुनाव किया और आज हमारे लोगों को गुमराह करके सत्ता में आने की कोशिश की। सत्ता में बैठे लोगों को पद छोड़ने की चेतावनी देते हुए खरगे ने कहा कि इसीलिए हम ऐसा कर रहे हैं। पहले कुर्सी छोड़िए। वरना देश में हंगामा होगा। देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। यह उन्हें मेरी चेतावनी है। उन्होंने आगे कहा, "लोग सब कुछ करेंगे, लेकिन अपनी आज़ादी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सरकार को खत्म हो जाना चाहिए।"
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा, क्योंकि चुनाव आयोग से जनता का भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि यह तय है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा; लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठ गया है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने CEC की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हट जाना चाहिए। SIR को खत्म कर दिया जाना चाहिए। हटाए गए सभी वोट वोटर लिस्ट में वापस जोड़े जाने चाहिए। इस साज़िश के पीछे की ताकतों का पता लगाने और उन्हें बेनकाब करने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए।