By रेनू तिवारी | Oct 22, 2026
देश की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA Alliance) के शीर्ष नेता कथित ‘‘वोट चोरी’’ (Vote Theft Allegations) के गंभीर मुद्दे पर अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को और अधिक धार देने के लिए बृहस्पतिवार शाम को डिजिटल माध्यम (Virtual Meeting) से एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस वर्चुअल बैठक में गठबंधन के तमाम प्रमुख चेहरे शामिल होंगे, जो आगामी राजनीतिक आंदोलनों और रणनीतियों पर मंथन करेंगे।
लगातार आक्रामक हो रहा विपक्ष
विपक्षी दल पिछले काफी समय से कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लगातार आक्रामक तरीके से उठा रहे हैं। सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिए विपक्ष हर संभव मंच का उपयोग कर रहा है। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) तक एक बड़ा मार्च भी निकाला था, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।
चाय पर चर्चा से शुरू हुई थी रणनीति
इस तीखे तेवर की पृष्ठभूमि कुछ दिन पहले तैयार हुई थी। इससे पहले, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 13 अक्टूबर को अपने आधिकारिक आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रमुख नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया था।
उस अनौपचारिक और महत्वपूर्ण बैठक के बाद विपक्षी गठबंधन ने एक साझा संकल्प लिया था कि वे कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अपने विरोध को किसी भी सूरत में धीमा नहीं पड़ने देंगे। गठबंधन ने यह भी ऐलान किया था कि वे इस लड़ाई को उसके तार्किक निष्कर्ष (Logical Conclusion) तक पहुंचाएंगे, ताकि चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित किया जा सके। बृहस्पतिवार शाम की यह डिजिटल बैठक उसी रणनीति को अमलीजामा पहनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।