Indus Waters Treaty पर India का दोटूक जवाब, Cross-Border Terrorism के रहते Pakistan से कोई सहयोग नहीं

By अभिनय आकाश | Jul 23, 2026

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए इस्लामाबाद पर सीमा पार आतंकवाद को राज्य नीति के एक उपकरण के रूप में बार-बार इस्तेमाल करने और जम्मू-कश्मीर पर "झूठा नैरेटिव" फैलाने का आरोप लगाया। नई दिल्ली ने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग "हमेशा से रहा है, है और रहेगा। ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत परवथानेनी हरीश ने बुधवार (अमेरिकी स्थानीय समय) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्राकृतिक संसाधन शासन: शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नींव" विषय पर उच्च स्तरीय खुली बहस के दौरान कीं।

भारतीय राजदूत ने कहा मंच पर अन्य मुद्दों को उठाने का हमारा कोई इरादा नहीं था, लेकिन मेरे प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान को जवाब देने के लिए विवश होना पड़ा, क्योंकि उसने आज की चर्चा का दुरुपयोग करके अपनी झूठी कहानी को आगे बढ़ाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू और कश्मीर की स्थिति संवैधानिक और कानूनी रूप से स्थापित है, और इस क्षेत्र पर पाकिस्तान के बार-बार किए जाने वाले दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और रहेगा। यह संवैधानिक और कानूनी वास्तविकता है जिसे पाकिस्तान जानबूझकर नजरअंदाज करना चुनता है।

भारत ने जम्मू और कश्मीर पर अपना रुख दोहराया

भारतीय राजदूत ने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर से संबंधित एकमात्र अनसुलझा मुद्दा उन क्षेत्रों से जुड़ा है जिन पर भारत का कहना है कि पाकिस्तान का अवैध कब्जा है। जम्मू और कश्मीर के संबंध में एकमात्र लंबित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारत की संप्रभु भूमि पर खुला आक्रमण और अवैध कब्जा है।

सिंधु जल संधि पर तीखा संदेश

राजदूत हरीश ने सिंधु जल संधि पर भी बात की और सार्थक सहयोग को आतंकवाद मुक्त वातावरण से जोड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीमा पार आतंकी गतिविधियों के साथ विश्वास और सद्भावना नहीं रह सकती। “सिंधु जल संधि पर हमारा रुख स्पष्ट और स्थिर है। आपसी विश्वास और सद्भावना के आधार पर सहयोग की उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती जब तक सीमा पार आतंकवाद को राज्य नीति के एक उपकरण के रूप में नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाता है।” यह बयान आतंकवाद और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दोनों पड़ोसी देशों के बीच जारी तनाव के बीच आया है।

प्रमुख खबरें

NEET विवाद पर Salman Khan का बड़ा बयान: पेपर लीक गंभीर मुद्दा, आंदोलन को न दिया जाए राजनीतिक रंग

TV Industry Dark Secret: जब Karan Kundrra ने Saanvie Tallwar को बिना सहमति Kiss कर मारा था थप्पड़

टीवी प्रसारण की भूमिका राष्ट्र निर्माण में अहम

Brent Crude में उबाल और Middle East Crisis का असर, Sensex और Nifty धड़ाम, HPCL-Dr Reddys के शेयर भी टूटे