कोरोना के बढ़ते मामलों और चीन से बढ़ती टेंशन के बीच कांग्रेस की स्वार्थ भरी राजनीति

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 27, 2020

इस सप्ताह के राजनीतिक सामाजिक मुद्दों की बात करें तो चीन के साथ एलएसी पर विवाद ही प्रमुख मुद्दा बना रहा। भारत सरकार जहाँ चीन से निपटने के लिए कई प्रकार के कूटनीतिक कदम उठा रही है वहीं कुछ घरेलू कदमों के माध्यम से भी चीन को झटका देने की तैयारी कर ली गयी है। मसलन कई राज्यों में चीनी कंपनियों को मिले ठेके रद्द कर दिये गये हैं या किये जा रहे हैं। इसी प्रकार चीनी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान भी अब एक आंदोलन का रूप ले चुका है। चीन भी यह सब देख रहा है इसलिए वार्ताओं की पेशकश उसी की ओर से ज्यादा की गयी हैं लेकिन चीन का असली चेहरा भी दुनिया के सामने आ गया है कि वार्ता के साथ-साथ चीन एलएसी पर अपनी सेना भी बढ़ा रहा है और युद्धक सामग्री भी बढ़ा रहा है। चीन को जवाब देने के लिए भारत भी पूरी तैयारी के साथ एलएसी पर खड़ा है।

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संकट के समय विपक्ष को अपने राजनीतिक हित छोड़ कर देश के साथ खड़ा होना चाहिए लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकी। कांग्रेस की ओर से सवाल तो प्रधानमंत्री मोदी पर दागे जा रहे हैं लेकिन वह सवाल असल में सेना के शौर्य पर उठाये जा रहे हैं। कांग्रेस को पूर्व में भी ऐसी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है, इससे उसे सबक लेना चाहिए था। कांग्रेस में अब इस बात के भी प्रयास हो रहे हैं कि राहुल गांधी को फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाया जाये। देखना होगा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी क्या गांधी परिवार से बाहर का कोई अध्यक्ष बनाती है या फिर परिवार की ही शरण में दोबारा रहना पड़ता है।

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