By अभिनय आकाश | Mar 30, 2026
भारत की ऊर्जा ताकत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक तरफ दुनिया तेल और गैस के संकट से जूझ रही है। वहीं भारत ने चुपचाप एक ऐसा कदम उठा दिया है जो आने वाले सालों में गेम बदल सकता है। देश की सबसे बड़ी सरकारी ऑयल कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन यानी कि ओएनजीसी ने अपने 1 अरब के बड़े प्रोजेक्ट से गैस सप्लाई शुरू कर दी है। सबसे बड़ी बात यह प्रोजेक्ट 2 साल से भी कम समय में पूरा कर लिया गया है। दरअसल ओएनजीसी ने ऐलान किया है कि उसके वेस्टर्न ऑफशोर यानी कि पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में स्थित दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट यानी डीयूडीपी के तहत प्लेटफार्म B124P से गैस का प्रवाह शुरू हो चुका है। इसका मतलब क्या हुआ? इसका मतलब सीधे शब्दों में समझिए कि अब इस प्रोजेक्ट से कमाई शुरू हो चुकी है और आज के समय में जब बड़े-बड़े प्रोजेक्ट सालों तक लटक जाते हैं, वहीं ओएनजीसी ने इसे 2 साल से भी कम समय में पूरा करके एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। इससे भारत की घरेलू गैस सप्लाई बढ़ेगी। दूसरा भारत बाहर से गैस कम खरीदेगा और तीसरा यह सीधे-सीधे भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करेगा। आज भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस आयात करता है विदेशों से। ऐसे में अगर देश के अंदर ही उत्पादन बढ़े तो विदेशी खर्च कम होगा।
ऑफशोर यानी कि समुंदर के अंदर काम करना आसान नहीं होता है। भारी निवेश चाहिए, एडवांस टेक्नोलॉजी चाहिए और बहुत ज्यादा जोखिम होता है। लेकिन ओएनजीसी के पास इन सब का लंबा अनुभव है और इसी वजह से यह प्रोजेक्ट सफल हो पाया। ओएनजीसी के अलावा भारत में कुछ और बड़ी कंपनियां भी इस सेक्टर में एक्टिव हैं। इसके अलावा ऑयल इंडिया लिमिटेड जो घरेलू उत्पादन में सहयोग देती है। लेकिन ओएनजीसी का यह प्रोजेक्ट इसलिए खास है क्योंकि यह पूरी तरह सरकारी कंपनी का बड़ा ऑफशोर प्रोजेक्ट है और इसने तेज एक्सक्यूजन का नया बेंचमार्क सेट कर दिया है।