By अभिनय आकाश | Jun 18, 2026
आज के 10 साल पहले किसी भी देश ने इस बात की कल्पना नहीं की होगी कि आगे चलकर भारत अपनी सुरक्षा के लिए हथियार खुद बनाएगा। पहले भारत को दुनिया का सबसे बड़ा हथियार खरीददार देश कहा जाता था। हम छोटी से छोटी चीजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हुआ करते थे। आज भी हमारे पास जितने भी घातक हथियार हैं ज्यादा से ज्यादा हमने दूसरे देशों से खरीदे हैं। लेकिन अब यानी साल 2026 में भारत ने रक्षा क्षेत्र में वो कर दिखाया जो सच में एक वक्त पर असंभव लगता था और यह कोई हवाहवाई बातें नहीं है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन यानी कि डिफेंस प्रोडक्शन अपने अब तक के सबसे ऊंचे शिखर यानी कि 1.78 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। यानी कि ₹178,000 करोड़। यह कोई मामूली बढ़त नहीं। अगर पिछले साल यानी 2024-25 की तुलना करें तब यह आंकड़ा 1.54 लाख करोड़ था। अगर एक साल के अंतर को देखें तो 15 6% की भारी उछाल दर्ज की गई।
मान लीजिए देश में डिफेंस प्रोडक्शन बढ़ रहा है तो जाहिर सी बात है दुनिया भर के देशों की रुचि भारत के हथियारों में भी है। आज भी हम दूसरे देशों से हथियार लेते हैं। लेकिन साथ ही साथ हम अपने हथियार उन्हें बेचने का भी काम करते हैं। बता दें इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट आया है। जहां उन्होंने लिखा कि भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव आया है। यह बदलाव आत्मनिर्भरता के विज़न, तकनीकी नवाचार और देश में ही रक्षा उपकरणों के निर्माण की वजह से संभव हुआ है। इसके अलावा इस ऐतिहासिक कामयाबी पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर की और लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में भारत का रक्षा उत्पादन हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। राजनाथ सिंह ने आगे लिखा यह शानदार कामयाबी डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन, पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।