Indus Water Treaty | 'आतंकवाद रुकेगा, तभी आगे बढ़ेगी बात', सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान की गीदड़भभकी को किया खारिज, दोहराई सख्त शर्त

By रेनू तिवारी | Jul 04, 2026

भारत और पाकिस्तान के बीच 'सिंधु जल संधि' (IWT) को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान द्वारा अपने हिस्से का पानी रोके जाने के खिलाफ दी गई खुली धमकियों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दोटूक लहजे में स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि पर उसके रुख में रत्ती भर भी बदलाव नहीं आया है। भारत ने अपनी सख्त शर्त दोहराते हुए कहा है कि जब तक इस्लामाबाद सीमा-पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं करता और इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह संधि पूरी तरह से रुकी रहेगी।

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IWT पर पाकिस्तान की चेतावनी

विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी पाकिस्तान के मंत्री मुसादिक मलिक के बयान के जवाब में आई है। उन्होंने कहा था कि इस्लामाबाद उन हाथों को "काट देगा" जो संधि के तहत पाकिस्तान के पानी के हिस्से पर दावा करने की कोशिश करेंगे।

सरकार के रुख का समर्थन करते हुए, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी है और इसे एकतरफा तरीके से निलंबित या संशोधित नहीं किया जा सकता है।

विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि पर 19 सितंबर, 1960 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा-पार नदी प्रणाली के बंटवारे और प्रबंधन को नियंत्रित करने के लिए लगभग नौ साल की बातचीत के बाद हुई थी।

पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाने की घोषणा की थी। इनमें 1960 की सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला भी शामिल था, जिसका कारण पाकिस्तान द्वारा सीमा-पार आतंकवाद को लगातार समर्थन देना बताया गया था।

तीस्ता नदी परियोजना पर विदेश मंत्रालय

तीस्ता नदी परियोजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश को भारत की विकास सहायता आपसी सहमति वाले रोडमैप पर आधारित है, जिसकी नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत ने तीस्ता नदी परियोजना पर अपना पक्ष बांग्लादेश को पहले ही बता दिया है और इस मुद्दे पर अपना समग्र दृष्टिकोण तय करते समय सभी संबंधित पहलुओं पर विचार करेगा।

 

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