By अभिनय आकाश | Jun 17, 2026
मुश्किल दौर से गुजर रहे अफगानिस्तान की मदद के लिए भारत एक बार फिर आगे आया है। भारत ने मानवीय सहायता के तहत काबुल को 5 टन जरूरी दवाइयों की खेप भेजी। यह कदम सिर्फ राहत सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं है बल्कि दोनों देशों के दशकों पुराने रिश्तों और भारत की उस नीति को दर्शाता है जिसमें जिसमें पड़ोसी देशों के लोगों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है। इससे पहले भी भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में भारत ने अफगान स्वास्थ्य अधिकारियों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सौगात दी थी। इनमें नवजात और बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, वेंटिलेटर, मरीजों की निगरानी करने वाली मशीनें, कार्डियोग्राफ मशीन, प्लास्टिक सर्जरी किट और अन्य विशेष मेडिकल उपकरण शामिल थे। इन संसाधनों से अफगान अस्पतालों की क्षमता बढ़ने की उम्मीद थी। भारत लगातार यह संदेश दे रहा है कि उसकी प्राथमिकता अफगान की जनता है।
लंबे समय तक अफगानिस्तान को अपने प्रभाव क्षेत्र के रूप में देखने वाला पाकिस्तान आज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। आज तालिबान के साथ सीमा विवाद, सुरक्षा संबंधी मुद्दों और व्यापारिक बाधाओं को लेकर लगातार तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में अफगानिस्तान अब व्यापार और संपर्क के लिए नए विकल्प तलाश रहा है। और इसी रणनीति के तहत तालिबान भारत से करीबी चाहता है और भारत भी लगातार अफगान जनता की मदद करते आया। यहां पर एक और बड़ी बात है। भारत और ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिए व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की कोशिशें अफगानिस्तान की इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।