लद्दाख में चीन बॉर्डर के पास भारत ने खोदा 1 किलोमीटर गहरा गड्ढा, अंदर क्या निकला?

By अभिनय आकाश | May 28, 2026

1950 के आसपास चीन ने लद्दाख के अक्सई चिन्ह इलाके में एक सड़क बनाने से शुरुआत की थी और धीरे-धीरे भारत के करीब 42,000 किमी हिस्से पर कब्जा कर लिया। उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि वो तो बंजर इलाका है। वहां घास का एक तिनका तक नहीं उगता। लेकिन अब भारत ने इसी लद्दाख में दो होश उड़ा देने वाले चमत्कार कर दिखाए हैं। जवाहरलाल नेहरू ने लद्दाख की जिस जमीन को बंजर कहा था, अब उसी जमीन के 800 किमी इलाके में घास उगाई जा रही है। इसी के साथ लद्दाख के जिस इलाके में तापमान -25 तक पहुंच जाता है, उसी इलाके की जमीन में 1000 मीटर यानी करीब 1 किमी गहरा गड्ढा खोदा गया है। 

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जियोथर्मल प्लांट बिजली बनाने के लिए धरती की गहराई में पैदा होने वाली कुदरती गर्मी का इस्तेमाल करता है। इसमें जमीन के नीचे से निकलने वाली सीधी भाप का उपयोग टरबाइन चलाने के लिए किया जाता है। जिससे लगातार बिजली बनती रहती है। आपको बता दें कि पृथ्वी की गहराई में मौजूद गर्म चट्टाने और मैग्मा पानी को उबालकर भाप में बदलते रहते हैं और अब इसी भाप को प्रेशर के साथ लद्दाख की जमीन के गर्भ से निकालकर बिजली पैदा करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। वैज्ञानिक इन गर्म जल भंडारों तक पहुंचने के लिए जमीन में गहरे कुएं खोदते हैं। ऐसा ही कुआं सफलता पूर्वक लद्दाख में खोद लिया गया।

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