Ethanol Tender: 2026-27 में चीनी से एथनॉल खरीद पर रोक, मक्के पर दर घटाई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 18, 2026

 सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के लिए 2026-27 आपूर्ति वर्ष की ताजा खरीद निविदा में गन्ने के रस, चीनी की चाशनी और बी-हेवी शीरे से बने एथनॉल को शामिल नहीं किया है। सरकार ने यह कदम घरेलू स्तर पर चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के देशव्यापी कार्यक्रम को जारी रखने के लिए उठाया है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 16 अक्टूबर को पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की ओर से जारी निविदा में नवंबर से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए करीब 1,100 करोड़ लीटर एथनॉल की खरीद के लिए बोलियां मांगी हैं। 

इस पाबंदी से पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के कार्यक्रम के लिए कच्चे माल की खरीद की रणनीति में बदलाव होगा। इस कार्यक्रम में कच्चे तेल के आयात को कम करने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कटौती के लिए अनाज और गन्ने, दोनों से बने एथनॉल का इस्तेमाल किया जाता रहा है। निविदा दस्तावेज के अनुसार, मक्का, टूटे चावल, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खरीदे गए अधिशेष चावल और सी-हेवी शीरे से बने एथनॉल की आपूर्ति के लिए बोलियां लगाई जा सकती हैं। 

मक्के से बने एथनॉल पर प्रोत्साहन राशि 5.79 रुपये से घटाकर 2.79 रुपये प्रति लीटर किए जाने से इस अनाज से एथनॉल बनाने वाली कंपनियों का मुनाफा घटने की आशंका है। वहीं, चीनी आधारित कच्चे माल को निविदा से बाहर किए जाने से वैकल्पिक कच्चे माल का महत्व बढ़ जाएगा। यह कदम घरेलू स्तर पर चीनी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। 

महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में कम बारिश के कारण उत्पादन घटने और कीमतें बढ़ने का जोखिम पैदा हुआ है। दुनिया में चीनी के सबसे बड़े उपभोक्ता भारत ने आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए पेट्रोल में एथनॉल मिलाने का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया है।

 हालांकि, ईंधन उत्पादन के लिए गन्ने और चीनी का इस्तेमाल होने से खाद्य खपत के लिए इनकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, खासकर तब जब उत्पादन कम रहने की आशंका हो।

प्रमुख खबरें

भारत के खिलाफ कड़े मुकाबले से West Indies क्रिकेट को मिलेगा आर्थिक सहारा: Daren Sammy

Captain Smit Machchhar ने बताई आपबीती, Cockpit Door खोलकर ऐसे टाला बड़ा विमान हादसा

विदेशी निवेशकों ने Stock Market से निकाले 52100 करोड़ रुपये, Crude Oil और बॉण्ड यील्ड का असर

FMCG कंपनियों पर बढ़ी लागत की मार, दूसरी छमाही में घट सकता है मुनाफा