By अभिनय आकाश | Jan 14, 2026
हकीकत चाहे जितनी देर से सामने आए लेकिन जब आती है तो सबसे पहले भ्रम तोड़ती है। आज यूक्रेन से आई एक खबर ठीक वैसा ही कर रही। वो खबर जो सिर्फ यूक्रेन और रूस तक सीमित नहीं बल्कि अमेरिका, नाटो, पाकिस्तान और भारत सबको एक साथ सोचने पर मजबूर कर रही। खबर यह है कि यूएस मेड एप सोलर फाइटर जेट रूसी S300 एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आसमान से गिराया गया । दरअसल एफ 16 वही फाइटर जेट है जिसे सालों से गेम चेंजर और रशियन एयर डिफेंस ब्रेकर बताया जा रहा था। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप अपने जिन हथियारों का डर दिखाकर दुनिया भर के कई देशों को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं उन पर कब्जा करने के लिए दबाव बनाते हैं और वही हथियार ट्रंप की बेइज्जती करा रहे हैं। ट्रंप अपने जिन हथियारों को ब्रह्मास्त्र बताकर उन्हें दुनिया भर के देशों को खरीदने के लिए ऑफर देते हैं। अब वही हथियार रूस के हथियार के आगे मिट्टी में मिल जा रहे हैं। अमेरिका बहुत गुरूर करता था जो भारत के दुश्मन पाकिस्तान के पास भी बड़ी तादाद में है। साथ ही बताऊंगा कि रूस की इस कार्रवाई ने कैसे अमेरिका को बहुत बड़ा झटका दे दिया है जो अमेरिका को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाने वाला है। दरअसल जहां ट्रंप वेनेजुएला ईरान और ग्रीनलैंड की लड़ाई में फंसे हुए हैं और कब्जे वाली नीति से तनाव बढ़ा रहे हैं। ठीक उसी समय अमेरिका के लिए बहुत बुरी खबर सामने आई है।
ट्रंप को यह झटका ऐसे वक्त में लगा है जब रूसी टैंकर पर कब्जा करने के बाद पुतिन भड़के हुए हैं और अमेरिका से बदला लेने के लिए रूस परमाणु हमले की धमकी दे रहा है। खबर है कि रूस ने अमेरिका के उस फाइटर जेट को मार गिराया है जिसे यूक्रेन की वायु सेना इस्तेमाल कर रही थी। रूस ने अमेरिका में बने हुए F16 फाइटर जेट को मार गिराया है और यह जानकारी खुद रूसी सरकारी मीडिया ने दी है। रूस की सेना ने पुतिन के बाहुबली कहे जाने वाले S300 एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इस लड़ाऊ को विमान को निशाना बनाया। रूसी सेना के कमांडर कॉल साइन सेवर ने जानकारी दी है। इससे पहले मिसाइल से विमान को नुकसान पहुंचाया गया और फिर दूसरी मिसाइल से उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।
रूस ने अमेरिका के लड़ाऊ विमान को गिराकर यह बता दिया है कि पश्चिमी देशों के हाईटेक फाइटर जेट भी रूसी एयर डिफेंस सिस्टम के सामने नहीं टिक पाते। यह वही F16 फाइटर जेट है जो पाकिस्तान के पास भी है। पाकिस्तान के पास अभी कुल 75 F16 फाइटर जेट है जिसकी पाकिस्तान धमकी देता आया है। लेकिन 27 फरवरी 2019 को विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने पुराने MG-21 से इसे मार गिराया था। अब रूस ने भी अमेरिका के इस फाइटर जेट को मारकर ट्रंप की भारी बेइज्जती कर दी है। दरअसल यूक्रेन को अगस्त 2024 से अमेरिका और यूरोपीय देशों से F16 लड़ाकू विमान मिलने शुरू हुए थे। इन विमानों को यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता मजबूत करने के लिए तैनात किया गया।
पश्चिमी देशों की ओर से यूक्रेन को रूस से लड़ने के लिए F16 दिया गया था। जिसे लेकर उसकी हवाई सीमा को सुरक्षित और मजबूत बनाने की कोशिश थी। दरअसल रूस की ओर से F16 गिराए जाना काफी अहम है क्योंकि यूक्रेन के पास इन फाइटर जेट्स की संख्या काफी सीमित है और हर नुकसान उसकी रक्षा क्षमता पर असर डाल सकता है और अमेरिका के लिए भी यह नुकसान है क्योंकि जिन F16 फाइटर जेट को वो दुनिया भर के देशों को सबसे घातक बताकर बेच रहा है।