By अभिनय आकाश | Aug 25, 2026
बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध लगातार बिगड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। कई हिंदुओं का कत्लेआम कराने वाले मोहम्मद यूनुस के हाथ से जैसे ही पावर हटी और तारिक रहमान बांग्लादेश के नए पीएम चुने गए तो लग रहा था कि अब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते सुधर जाएंगे। लेकिन कुछ ही महीने बाद तारिक रहमान के सुर भी बदल गए और उन्होंने पाकिस्तान, तुर्की, चीन जैसे देशों के इशारों पर भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया। तारिक रहमान लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं जो चीन और पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मजबूत कर सके। हैरानी की बात तो यह है कि तारिक रहमान भारत में होने जा रहे ब्रिक्स समिट में आने के लिए नखरे दिखा रहे हैं। लेकिन अब भारत ने तारिक रहमान की अकड़ ढीली करने के लिए ऐसा एक्शन लिया है कि जिसने बांग्लादेश में हड़कंप मचा दिया है। वो भी ऐसे वक्त में जब बांग्लादेश बिजली संकट से जूझ रहा है। गैस की भारी किल्लत हो गई है।
इसके अलावा बांग्लादेश झारखंड के गडा स्थित अडानी पावर प्लांट से 10496 मेगावाट बिजली देता है। अडानी पावर के साथ मौजूदा समझौते में इस तरह के शुल्क से जुड़े प्रावधान पहले से मौजूद है। दरअसल बांग्लादेश इन दिनों अंधेरे में डूब रहा है। ऊर्जा के लिए विदेशी देशों पर निर्भरता अधिक होना तारिक रहमान की सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। राजधानी ढाका के आसपास के ग्रामीण इलाकों में 8 से 10 घंटे तक पावर कट हो रहा है। जनता गुस्से में है। बिजली बचाने के लिए प्रशासन ने कई कड़े नियम बना दिए हैं। इस संकट से उभरने के लिए बांग्लादेश ने भारत से भी मदद मांगी। जिस पर भारत ने जवाब भी दे दिया है। एक तरफ तारिक रहमान देश पर आए संकट से निकलने के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं तो दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान की कठपुतली बनकर भारत को आंख दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी यही हरकतें बांग्लादेश के आगे खाई खोदने का काम कर रही हैं। दरअसल तारिक रहमान ने जिस तरह से पीएम बनने के बाद भारत को छोड़कर अपने सबसे पहले दौरे के लिए चीन को चुना उसने साफ कर दिया कि तारिक रहमान भी भारत विरोधी एजेंडे पर काम कर रहे हैं।