भारत को मिला बांग्लादेश पर हमले का गजब मौका, अब होगा असली खेल!

By अभिनय आकाश | Jan 02, 2026

2026 भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को हमेशा बदल कर रख देगा। आप इसे सहयोगी कहिए कि बांग्लादेश को जिस चीज का सबसे ज्यादा डर था वो 2026 के पहले ही दिन शुरू हो गई है। दरअसल 1 जनवरी 2026 के शुरू होते ही बांग्लादेश की बर्बादी का 365 दिन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आप इसे कर्मों का फल ही कहिए कि 2025 में जो बांग्लादेश भारत के लिए नासूर बन गया था। उसी बांग्लादेश के खात्मे का बटन 2026 ने भारत के हाथों में दे दिया है। 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुआ एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट खत्म होने जा रहा है। बांग्लादेश की हालत इतनी खराब हो गई है कि उसने भारत से संपर्क किया है।

इसे भी पढ़ें: SAARC की भावना अभी भी जीवित, यूनुस ने दक्षिण एशियाई समूह को पुनर्जीवित करने का किया आह्वान

क्या थी ये संधि

फरक्का में गंगा जल के बंटवारे पर पहला समझौता 7 नवंबर, 1977 को ढाका में हस्ताक्षरित किया गया था। इस संधि से कुछ ही महीने पहले, मार्च में मोरारजी देसाई ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था, जबकि उसी वर्ष अप्रैल में मेजर जनरल जियाउर रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने थे। फिर, जब 12 दिसंबर, 1996 को दूसरे समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, तब भारत के प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और बांग्लादेश की शेख हसीना को पद संभाले हुए केवल छह महीने ही हुए थे। दोनों नेताओं ने जून में अपने-अपने पदभार ग्रहण किए थे। 

 भारत को किस फॉर्मूले के तहत देना पड़ता है कितना पानी

 बैराज में दो जगह पानी जाती है। एक तो गंगा में पानी जाती है जो कि बांग्लादेश में चली जाती है। दूसरा हुबली में पानी आती है। समझौते के तहत अगर 75000 क्यूसेक से ज्यादा पानी है तो 45000 क्यूसेक भारत रखेगा और बाकी बांग्लादेश को दे देगा। अगर 75000 क्यूसेक से कम है 70 से 75000 के बीच में है तो 35000 क्यूसेक भारत रखेगा और बाकी बांग्लादेश को दे देगा। और अगर 70 या 73000 क्यूसेक से भी कम है तो भारत 3000 क्यूसेक रखेगा और बाकी पड़ोसी को देगा। कुल मिलाकर कहे तो भारत को कम से कम 30 से 35000 क्यूसेक जल की आवश्यकता है वो रख के बाकी बांग्लादेश को दे देगा इसलिए ये बैराज बनाया था।

प्रमुख खबरें

Odisha Flood: CM Mohan Charan Majhi ने किया हवाई सर्वेक्षण, 1 लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में पहुंचे

UP में AI और Semiconductor हब बनेगा नया आधार, सुनील शर्मा बोले- कृषि से जुड़ेगा तकनीक का भविष्य

AIIMS Jodhpur के कार्यकारी निदेशक का दिल्ली तबादला, रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म

CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पत्र फर्जी, Election Commission ने किया स्पष्ट