By अभिनय आकाश | Mar 20, 2025
भारतीय सेना को सीमा पर और ज्यादा मजबूत करने के लिए भारत नई तैयारी में जुट चुका है। खबर है कि भारतीय सेना 7 हजार करोड़ रुपए की एडवांस टोड आर्टिलरी गन सिस्टम खरीदने वाली है। 45 किलोमीटर की रेंज, हर मिनट गोले दागने की क्षमता और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस तोप की सेना को जरूरत थी। सेना को ऐसे 800 से ज्यादा तोपों की जरूरत है। लेकिन फिलहाल 307 होवित्जर तोप को रक्षा मंत्रालय की ओर से मंजूरी दे दी गई। भारतीय सेना अपने आर्टिलरी रेजमेंट के आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। इसके लिए देश में बनी तोपों के जरिए ही सेना की ताकत में इजाफा किया जाना है। अब सरकार की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी सेनाकी स्वदेशी एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) के साथ रेंज और मारक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी तोपखाने को आधुनिक बनाने का इरादा रखती है। सेना अब स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक 155 मिमी हॉवित्जर एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) की खरीद में आगे बढ़ेगी।
2020 में गलवान झड़प के बाद, भारतीय सेना एलएसी पर अपनी तैनाती बढ़ाने पर केंद्रित रही है। एटीएजीएस चीन से लगी इन सीमाओं पर तोपखाने की ताकत में एक बड़ा इजाफा होगा जहां भारत आक्रामक रक्षा मुद्रा बनाए हुए है। एटीएजीएस सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ तालमेल बिठाते हुए स्वदेशी समाधानों के प्रति सेना की प्रतिबद्धता भी सुनिश्चित करता है। एटीएजीएस के अलावा, सेना अपने शस्त्रागार में पिनाका ताकत भी बढ़ाएगी। वर्तमान में, सेना पिनाका की चार रेजिमेंट संचालित करती है, जबकि अंततः इसे 22 रेजिमेंट तक विस्तारित करने की योजना पर काम चल रहा है।