By गौतम मोरारका | Dec 15, 2022
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर देशी-विदेशी मंचों पर भारत के हितों की बात तो दृढ़ता के साथ करते ही हैं साथ ही यदि कोई भारत के खिलाफ बोलता है तो उसे तत्काल करारा जवाब देने में जरा भी नहीं हिचकते। इस समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक चल रही है जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कश्मीर मुद्दा उठा दिया। बस फिर क्या था। जयशंकर जी ने तुरंत पलटवार करते हुए पाकिस्तान को उसकी नानी याद दिला दी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा है कि एक देश जिसने अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन की मेजबानी की और अपने पड़ोसी देश की संसद पर हमला किया, उसके पास संयुक्त राष्ट्र में "उपदेश" देने की साख नहीं है। यहां बाइट लग जायेगी।
लेकिन इन आरोपों पर भी करारा पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक खुली बहस के दौरान चीन और उसके करीबी सहयोगी पाकिस्तान को जोरदार तरीके से घेरा और उन दोनों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद को उचित ठहराने और साजिशकर्ताओं को बचाने के लिए बहुपक्षीय मंचों का दुरुपयोग किया जा रहा है। जयशंकर परोक्ष रूप से चीन का जिक्र कर रहे थे, जिसने पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने के लिए कई मौकों पर भारत और अमेरिका के प्रयासों को बाधित किया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जब जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय की बात आती है तो स्थिति बेहतर नहीं है। जयशंकर ने कहा, ‘‘संबंधित मुद्दों को उचित मंच पर संबोधित करने के बजाय, हमने ध्यान भटकाने और भ्रमित करने के प्रयास देखे हैं।’’ गौरतलब है कि जयशंकर मंगलवार को यूएनएससी में भारत की वर्तमान अध्यक्षता के तहत आतंकवाद और सुधारित बहुपक्षवाद पर दो कार्यक्रमों का नेतृत्व करने के लिए संयुक्त राष्ट्र पहुंचे। हम आपको यह भी बता दें कि 15 सदस्यीय यूएनएससी के निर्वाचित सदस्य के रूप में भारत का दो साल का कार्यकाल इस महीने समाप्त हो जाएगा।
- गौतम मोरारका